बिहार के बाइक चोर की संदिग्ध मौत पर दुमका पुलिस की बड़ी कार्रवाई, सरैयाहाट थाना प्रभारी लाइन हाजिर
Dumka News: सरैयाहाट में बाइक छीनने के दौरान अरबाज अंसारी की संदिग्ध मौत के मामले में थाना प्रभारी राजेंद्र यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

दुमका का सरैयाहाट थाना। (फाइल फोटो)
HighLights
सरैयाहाट थाना प्रभारी राजेंद्र यादव को लाइन हाजिर किया गया।
बाइक छीनने के दौरान अरबाज अंसारी की संदिग्ध मौत हुई।
परिजनों ने पुलिस हिरासत में पिटाई से मौत का आरोप लगाया।
संवाद सहयोगी, सरैयाहाट (दुमका )। Dumka Mob Lynching: झारखंड की उप राजधानी दुमका के सरैयाहाट थाना क्षेत्र में नौ अगस्त की देर शाम बाइक छीनकर भागने के दौरान बिहार निवासी अरबाज अंसारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में बुधवार को पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने थाना प्रभारी राजेंद्र यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया।
बाइक छीनकर भागने के दौरान अरबाज अंसारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस ने उसका शव थाना क्षेत्र के चौराजोर मोड़ के समीप से बरामद किए जाने की जानकारी दी थी। घटना के बाद मृतक के स्वजन ने पुलिस मुख्यालय में शिकायत देकर अरबाज की मौत को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे।
स्वजनों का आरोप था कि उसकी मौत पुलिस अभिरक्षा में हुई पिटाई के कारण हुई है। साथ ही उन्होंने घटना से जुड़े तथ्यों को छिपाने का भी आरोप लगाया था। मामला सामने आने के बाद स्वजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस स्तर पर जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
इसी क्रम में बुधवार को सरैयाहाट थाना प्रभारी राजेंद्र यादव को लाइन हाजिर कर दिया गया। राजेंद्र यादव के स्थान पर विश्वविद्यालय ओपी (दिग्घी थाना) के पूर्व प्रभारी अनुज कुमार को सरैयाहाट का नया थाना प्रभारी बनाया गया है।
हालांकि, अरबाज अंसारी की मौत के वास्तविक कारणों को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई।
वहीं, थाना प्रभारी को लाइन हाजिर किए जाने के संबंध में पुलिस अधिकारियों की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक कारण सामने नहीं आया है। मामले को लेकर पुलिस की जांच पर मृतक के स्वजनों के साथ-साथ क्षेत्र के लोगों की भी नजर बनी हुई है।
जांच के निष्कर्ष के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है। इस मामले में मृतक के पिता ने मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को पत्र भेज कर पूरे प्रकरण की जांच कर दोषी थाना प्रभारी पर कार्रवाई करने की मांग की थी।
