जागरण संवाददाता, दुमका: भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की ओर से शुक्रवार से दुमका के सिटी गार्डन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग की शुरुआत हुई। कार्यक्रम के पहले दिन बतौर मुख्य अतिथि भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की स्थिति अराजक है। भय, भूख व भ्रष्टाचार चरम पर है। विधि-व्यवस्था चौपट है।

बाबूलाल ने कहा कि झामुमो की अगुवाई में कांग्रेस व राजद के समर्थन से चल रही हेमंत सरकार हर मोर्चे पर फेल है। महिलाएं व किशाेरियां सुरक्षित नहीं हैं। आदिवासी बेटियों पर लगातार अत्याचार व हत्या करने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। हेमंत राज में आदिवासी समुदाय के लोग जुल्म व शोषण के शिकार हो रहे हैं। दूसरी ओर हेमंत सरकार अपने परिवार की समृद्धि एवं उन्नति में लगी हुई है।

बाबूलाल ने आरोप लगाया कि झामुमो-कांग्रेस ने हमेशा आदिवासी मूलवासी के नाम पर वोट की राजनीति की है। सत्ता में बैठे लोग अवैध कमाई कर रहे हैं। झारखंड में तुगलकी शासन व्यवस्था चरम सीमा पर है। सरकार ने 1932 के नाम पर स्थानीयता लागू करने पर राज्य के लोगों को गुमराह किया है, क्योंकि विधानसभा में बिना चर्चा, बिना नियोजन नीति के ही स्थानीयता नीति को कैबिनेट से मंजूरी दे दी गई है। बाबूलाल ने इस दौरान राज्य गठन के इतिहास से लेकर भाजपा के माध्यम से किए गए कार्याें को भी गिनाया और एकजुट होकर महागठबंधन की सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया।

इससे पूर्व तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग का उद्घाटन भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह राज्यसभा सदस्‍य समीर उरांव, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, बाबूलाल मरांडी, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर उरांव, पूर्व मंत्री डाॅ. लुइस मरांडी, सांसद सुनील सोरेन, रामकुमार पाहन, परितोष सोरेन, रवींद्र टुडू, ताला मरांडी, मिस्त्री सोरेन, गंगोत्री कुजूर, मोर्चा के जिला अध्यक्ष विमल मरांडी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।

प्रशिक्षण वर्ग के दूसरे सत्र में भारतीय जनता पार्टी का इतिहास एवं विकास विषय पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा कि भाजपा हमेशा से भारतीय सभ्यता, संस्कृति, पद्धति के विचारों को लेकर भारत को एक सशक्त देश बनाने की ओर अग्रसर है। कहा कि भारतीय जनता पार्टी की तत्कालीन अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार ने अलग झारखंड राज्य गठन के सपने को साकार किया। जनजातियों के उत्थान के लिए देश में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन कब किया गया। अटल बिहारी की सरकार ने ही संताली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल किया। पहले दिन के प्रशिक्षण वर्ग में इंटरनेट मीडिया की भूमिका पर भी कई अहम जानकारियां दी गई। शाम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण वर्ग में संताल परगना समेत प्रदश के कई हिस्सों से अनुसूचित जनजाति मोर्चा के नेता हिस्सा लेने पहुंचे हैं। शनिवार को केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में हिस्सा लेने दुमका पहुंचेंगे।

Edited By: Deepak Kumar Pandey