विधि संवाददाता, धनबाद। कांग्रेस नेता धनबाद के पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह सहित चार लोगों की हत्या में शूटर सप्लाई करने के आरोप में जेल में बंद मुन्ना बजरंगी का खास रिंकू सिंह उर्फ विकास सिंह उर्फ धर्मेंद्र सिंह के मुकदमे की बुधवार को पोस्टमार्टम करने वाले बोर्ड के सदस्य डा. एसके चौरसिया ने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव आनंद की अदालत को दिए अपने बयान में डा. चौरसिया ने कहा कि पोस्टमार्टम के समय उन्होंने मृतक के शरीर को टच नहीं किया था। साथ ही उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी उनके द्वारा नहीं लिखा गया था, इसलिए वह उस पर कुछ नहीं कहना चाहेंगे। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम के समय पोस्टमार्टम कक्ष में एक मजिस्ट्रेट भी उपस्थित थे। रिंकू की ओर से अधिवक्ता पंकज प्रसाद एवं मोहम्मद जावेद ने प्रति परीक्षण किया।

40 से अधिक गवाहों का हो चुका परीक्षण

बताते चलें कि रिंकू सिंह 13 जून 2019 से जेल में बंद हैं। जिसके विरुद्ध 12 सितंबर 19 पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया था। चार दिसंबर 19 रिंकू सिंह के विरूद्ध आरोप तय करने के बाद सुनवाई शुरू कर हुई थी। रिंकू सिंह के मामले की सुनवाई पूर्व विधायक संजीव सिंह के मामले से अलग चल रही है। इस मामले में अभियोजन ने पहला गवाह प्रस्तुत किया था जबकि संजीव सिंह व अन्य के विरुद अभियोजन द्वारा 38 गवाहों का परीक्षण कराया जा चुका है। 21 मार्च, 2017 को धनबाद से सरायढेला में पूर्व मेयर नीरज सिंह समेत चार लोगों को गोलियों से भून दिया गया था। 

संजीव समेत अन्य की पेशी

वही संजीव सिंह समेत अन्य के मामले में बुधवार को सुनवाई तकनीकी वजहों से टल गई। सुनवाई के दौरान संजीव को धनबाद, शूटर अमन सिंह को होटवार जेल, शिबू उर्फ सागर को घाघीडीह जेल, सोनू उर्फ कुर्बान को मेदनीनगर जेल, सतीश उर्फ रोहित उर्फ चंदन को दुमका जेल एवं मास्टरमाइंड पंकज सिंह को हजारीबाग सेंट्रल जेल से वीसीएस के माध्यम से जिला एवं सत्र न्यायाधिश राजीव आनंद की अदालत में वीसी के जरिए पेश किया गया।

Edited By: Mritunjay