बताते चलें कि पिछले दिनों डीएमएफटी न्यास परिषद की बैठक संपन्न हुई थी। इस बैठक में उपायुक्त ने जलापूर्ति एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य से संबंधित योजनाएं लेने पर जोर दिया था। इसी के तहत अब इस दिशा में प्रयास शुरू किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए संविदा पर डॉक्टर बहाल किए जाएंगे। इसके तहत बहाल होने वाले चिकित्सकों पर दो स्वास्थ्य केंद्रों की जिम्मेवारी दी जाएगी।

इस संबंध में उपविकास आयुक्त शशि रंजन ने बताया कि पूजा के बाद इस दिशा में काम प्रारंभ कर दिया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए चिकित्सकों की नियुक्ति आवश्यक है। उपायुक्त व न्यास परिषद के स्तर से लिया गया यह निर्णय धनबाद के लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। बताते चलें कि जिले में आठ सीएचसी, 28 पीएचसी, 141 एपीएचसी, एक पाटलीपुत्र मेडिकल कॉलेज अस्पताल है। इतने सरकारी अस्पताल होने के बावजूद भी यहां महज 80 चिकित्सक हैं।

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