धनबाद : जिले में 32 लाख की आबादी में 50 प्रतिशत लगभग (16 लाख) लोगों का जिला यक्ष्मा विभाग विभाग सर्वे करेगा। धनबाद प्रखंड क्षेत्र में शुक्रवार से सर्वे अभियान शुरू किया गया। इसके लिए विभिन्न इलाकों में जांच सर्वे की टीम लगाई गई है। केंद्र सरकार ने 2024 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी लक्ष्य के तहत धनबाद सहित राज्य के तमाम जिलों में टीवी मरीजों के लिए जांच अभियान शुरू किया जा रहा है। पिछले दिनों उपायुक्त संदीप सिंह इसकी शुरुआत की थी। हालांकि अब जाकर अभियान घर-घर शुरू होने जा रहा है। 1200 टीबी के मरीजों को खोजने का है लक्ष्य : अभियान के तहत जिला में टीबी के 1200 मरीजों की खोज करनी है। सभी प्रखंडों के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। धनबाद प्रखंड क्षेत्र में शहरी आबादी सात लाख के आसपास है। इसमें 275 टीबी के मरीजों की खोज करनी है। इसी के तहत दूसरे प्रखंडों में भी मरीजों की खोज की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों की माने तो पूरे जिले की आबादी लगभग 32 लाख के आसपास है। शहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी मरीजों की संख्या ज्यादा :

शहरी के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीबी के मरीजों की संख्या ज्यादा है। सिविल सर्जन डा. श्याम किशोर कांत ने बताया कि केवल कोलियरी इलाके में ही नहीं, बल्कि ग्रामीण इलाके में भी टीबी के मरीज हैं। लगातार दो सप्ताह तक खांसी होने के बाद स्वास्थ्य विभाग संबंधित व्यक्ति को बलगम की जांच कराता है। जांच में टीबी के बैक्टीरिया की जानकारी मिल जाती है। ऐसे मरीजों के लिए मेडिकल कालेज में इलाज की व्यवस्था की गई है। वहीं अति गंभीर मरीजों के लिए रांची इटकी में विशेष व्यवस्था है। मरीजों के लिए अलग से शोध संस्थान भी है।

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