धनबाद : खानपान में बदलाव व बदलते जीवनशैली के कारण धनबाद में भी लोग तेजी से मधुमेह (सुगर) व उच्च रक्तचाप (बीपी) के मरीज मिल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित नन कम्यीनिकेबल डीजीज (एनसीडी) के आंकड़ों की मानें तो मात्र सात माह (अप्रैल 2019 से अक्टूबर 2019) के बीच 1824 सुगर के नये मरीज मिले हैं। वहीं 1994 मरीज उच्च रक्तचाप के मिले हैं। इन सात माह में 27657 लोगों की स्क्रीनिंग कराई गई थी।

सिविल सर्जन डॉ गोपाल दास ने बताया कि आज युवा वर्ग फास्ट फूड, जंक फूड के काफी पसंद कर रहे हैं। जीवन शैली में शारीरिक श्रम कम हो रहा है। ऊपर से युवाओं ने विभिन्नि स्तर से तनाव भी काफी ज्यादा होता है। सभी चीजों को मिलाकर युवा नन कम्यूनिकेबल डीजीज से ग्रसित हो रहे हैं। पहले प्लेग, हैजा जैसा समुदाय के प्रभावित करने वाली बीमारी होती थी, लेकिन अब व्यक्तिगत बीमारियों से लोग ज्यादा ग्रसित होते हैं। तीन वर्षो नें मिले थे 18516 सुगर के मरीज

वर्ष 2015 से 2018 के बीच 20 लाख लोगों की धनबाद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों स्क्रीनिंग कराई गई थी। इसमें 18516 सुगर के नये मरीज मिले थे। वहीं उच्च रक्त चाप के 15724 नये मरीज मिले थे। अब वर्ष 2019 के सात माह में ही तेजी से नये मरीजों की संख्या बढ़ी है। लक्षण

-बार-बार प्यास लगना

-पेशाब के लिए बार-बार जाना

-कमजोरी व थकान महसूस करना

-तनाव ज्यादा होना

-ज्यादा भूख लगना

-आंखों से धुंधली दिखाई देना

-वजन कम होना कारण

-जीवन शैली में बदलाव

-शारीरिक श्रम नहीं करना

-तनाव ज्यादा होना

-मोटापा

-वंशानुगत उपाय

-हर दिन कम से कम एक घंटा टहलें

-खानपान में हरी साग-सब्जी व फलों का प्रयोग करें

-मैदा, चीनी, आलू का प्रयोग कम करें या इससे दूर रहें।

-मोटापा को घटायें

-फास्ट व जंक फूड, तैलिये भोजन से बचें

-पर्याप्त नींद लें

-तनाव से बचें

मधुमेह आज देश में भयावह रुप ले रहे हैं। इसका असर धनबाद में भी देखने को मिल रहे हैं। खासकर युवा वर्ग तेजी से चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग लोगों को जागरूक कर रहे है। सभी केंद्रों में इसकी निश्शु्क जांच होती है। डॉ गोपाल दास, सीएस, धनबाद

Posted By: Jagran

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