जागरण संवाददाता, धनबाद : सिदरी पैसेंजर चलने का इंतजार कर रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे अब इस पैसेंजर ट्रेन को मेमू रैक के साथ चलाएगी। मेमू बनते ही इस ट्रेन का विस्तार सिदरी तक कर दिया जाएगा। इससे सिदरी से गोमो के बीच नई ट्रेन मिल जाएगी। धनबाद रेल मंडल ने मेमू रैक उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पूर्व मध्य रेल को भेज दिया है। रैक उपलब्ध होते ही सिदरी-गोमो पैसेंजर चलने लगेगी। सिदरी से गोमो के बीच यह ट्रेन कई फेरे लगाएगी। जब तक मेमू रैक नहीं मिल जाते तब तक धनबाद से सिदरी के बीच पुराने कोच के साथ पैसेंजर ट्रेन चलेगी।

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इंजन बदलने की तकनीकी अड़चन नहीं आएगी : पिछले साल मार्च से पहले धनबाद-सिदरी पैसेंजर दिनभर में कई फेरे लगाती थी। इससे सिदरी समेत आसपास की बड़ी आबादी को न सिर्फ धनबाद आने-जाने की सुविधा मिलती थी बल्कि धनबाद से खुलने वाली ट्रेनों में सफर के लिए कनेक्टिग ट्रेन भी मिल जाती थी। पर पुराने पैसेंजर रैक को चलाने के लिए इंजन बदलना पड़ता था। अब मेमू बनकर चलने से इंजन बदलने की तकनीकी अड़चन खत्म हो जाएगी।

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कम टिकट बुकिग बन रही ट्रेन को मंजूरी न मिलने की बड़ी वजह : सिदरी पैसेंजर में यात्रियों की संख्या तो काफी थी पर टिकट बुकिग काफी कम होते थे। रेलवे के पास जो आंकड़े हैं उसके अनुसार सिदरी पैसेंजर के हर फेरे में 32 से 35 टिकट ही जारी होते थे जबकि ट्रेन खचाखच रहती थी। इस वजह से मुख्यालय स्तर पर इस ट्रेन को हरी झंडी मिलने में देर हुई। अब दो दिन पहले पूर्व मध्य रेल महाप्रबंधक ने पैसेंजर ट्रेनों को चलाने का निर्देश दिया है जिसके बाद धनबाद रेल मंडल ने सिदरी-गोमो के बीच मेमू चलाने की तैयारी शुरू की है।

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पहले भी चलती थी सिदरी-गोमो पैसेंजर : सिदरी-गोमो पैसेंजर पहले भी चलती थी। इस ट्रेन के चलने से सिदरी और गोमो से आने वाले छात्र, दैनिक मजदूर और नौकरीपेशा यात्रियों को कम किराए में आवाजाही की सुविधा मिलती थी। पर जब इस ट्रेन के चलने से पाथरडीह से आनेवाली मालगाड़ियां प्रभावित होने लगी तो रेलवे ने टाइम टेबल बदल दिया और सिदरी से गोमो जानेवाले सभी फेरे खत्म कर इसे धनबाद तक सीमित कर दिया। अब एक बार फिर सिदरी से गोमो के लिए मेमू ट्रेन चलाने की कवायद शुरू हुई है।

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पैसेंजर ट्रेन चलाने के लिए मेमू रैक उपलब्ध कराने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। रैक मिलते ही सिदरी पैसेंजर के साथ कुछ और पैसेंजर ट्रेनें चलाई जा सकेंगी। यात्री टिकट लेकर चलें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें।

अखिलेश पांडेय, सीनियर डीसीएम