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धनबाद के कतरास में नहीं थम रहा भू-धंसान का सिलसिला, छाताबाद में जोरदार आवाज के साथ फिर धंसी धरती; दो जख्मी

Published: Thu, 17 Sep 2026 01:27 PM (IST)

कतरास के छाताबाद खुशबू मोहल्ला में एक बार फिर भू-धंसान की घटना हुई, जिससे सामुदायिक भवन समेत कई घरों में दरारें आ गईं और सड़क धंस गई।

संवाद सहयोगी, कतरास( धनबाद)। झारखंड के धनबाद जिले के कतरास में भू-धंसान की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन भू-धंसान की घटनाएं हो रही हैं। एक बार फिर छाताबाद में भू-धंसान की घटना घटी है, जहां संयोग से एक 12 वर्षीय किशोरी की जान बच गई।

छाताबाद खुशबू मोहल्ला में बुधवार की शाम करीब 3:30 बजे एक बार फिर 35 वें दिन भू-धंसान की घटना हुई। इसमें सामुदायिक भवन सहित करीब एक दर्जन घरों में दरारें पड़ गई। घटना के बाद सड़क, आसपास के घरों और सामुदायिक भवन में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई। सड़क करीब 10 फीट नीचे धंस गई।

भू-धंसान की घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग आनन-फानन में अपने-अपने घरों से सामानों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर भेजना शुरू कर दिया। घटना के बाद आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है। इसी स्थान से महज दो सौ मीटर की दूरी पर सात जुलाई को भी भू-धंसान की घटना घटी थी। 

भू-धंसान की चपेट में आने से तबस्सुम परवीन व रौशनी जख्मी हो गई। जख्मी 48 वर्षीय तबस्सुम परवीन ने बताया कि वह खाना खाकर मैदान की ओर जा रही थी कि तभी अचानक जमीन में हलचल सी होने लगी।

जोरदार आवाज के साथ घर धंसने लगा। जिसे देख चिल्लाने लगी। तभी 12 वर्षीय रौशनी को देख कर वह दौड़ कर उसे अपनी ओर खींच ली। जिससे दोनों के पैर और हाथों में चोटे आई है।

आस पड़ोस के लोगों ने दोनों को बगल के मेडिकल हाल ले जा कर इलाज कराया। उन्होंने बताया कि घरों की दीवारों में दरार पड़ने लगी। धीरे धीरे मकान झुकने लगा। जिसके बाद चारों ओर चीख

 स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के कुछ समय पूर्व ही बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा इस इलाके में दोपहर में नोटिस चस्पा कर सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा गया था। इसी बीच आज इतनी बड़ी घटना घट गई, जिससे वे लोग बेघर हो गए।

बीसीसीएल के खिलाफ लोगों में नाराजगी 

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि बीते तीन माह से वे लोग भू-धंसान की चपेट में आते जा रहे हैं, लेकिन अब तक उन लोगों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास नहीं कराया गया है।

मालूम हो कि सात जुलाई को भी यहां से महज दो सौ मीटर की दूरी पर छाताबाद मैदान के समीप भू-धंसान की घटना घटी थी। इसके बाद सात अगस्त को पुन: घटना घटी। सूबे के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, हफीजुद्दीन अंसारी सहित कांग्रेस के प्रभारी के. राजू, विधायक अनूप सिंह, विधायक मथुरा प्रसाद महतो, सांसद ढुलू महतो, विधायक शत्रुघ्न महतो से लेकर कई जनप्रतिनिधि पहुंचे और सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने का आश्वासन दिया।

मुआवजा व पुनर्वास की मांग को लेकर आशियाना बचाओ आंदोलन के बैनर तले जीटीए डेको आउटसोर्सिंग कंपनी का चक्का जाम कर कई दिनों तक धरना दिया गया। लेकिन अब तक भू-धंसान प्रभावित इलाके में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास नहीं कराया जा सका।

जहां कुछ लोग रह रहे थे, वहां भी हुआ भू-धंसान

जिस सामुदायिक भवन के सामने बीसीसीएल प्रबंधन द्वारा भोजन का वितरण किया जाता था और कुछ लोग छोटे से टेंट लगाकर रह रहे थे, आज उस जगह पर भी भू-धंसान की घटना घटी।

ग्रामीण सह झामुमो नेता मो. अताउर ने बताया कि यह महज संयोग नहीं तो क्या है। समय का तकाजा है कि आज जहां नोटिस जारी किया गया, वह सामुदायिक भवन भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। आज ही प्रबंधन द्वारा लोगों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करने की लाउडस्पीकर के माध्यम से हिदायत दी गई।

बीसीसीएल प्रबंधन की लापरवाही के कारण यहां लगातार भू-धंसान की घटनाएं घट रही हैं। प्रबंधन सर्वे किए गए स्थान को सार्वजनिक करे। पूरे भू-धंसान प्रभावित इलाके में पंपचर कर भराई कराकर लोगों को बसाने का काम करे। जनता बीसीसीएल प्रबंधन की मंशा को भली-भांति समझ रही है।

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मो. शहाबुद्दीन, पार्षद, वार्ड संख्या दो

बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से इलाके को असुरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। लोग शीघ्र दूसरे स्थान पर शिफ्ट करें। प्रबंधन अपने स्तर से सुविधाएं मुहैया करा रहा है।

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सत्यकाम आनंद, जीएम, गोविंदपुर क्षेत्र