धनबाद के 5 इलाकों में 12 दिनों से ठप जलापूर्ति, पानी खरीदकर रोजमर्रा के काम करने को मजबूर लोग
धनबाद के केंदुआ, पुटकी, करकेंद समेत झमाडा क्षेत्र में पिछले 12 दिनों से जलापूर्ति ठप है, जिससे लाखों लोग पानी ...और पढ़ें
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HighLights
12 दिनों से केंदुआ, पुटकी, करकेंद में जलापूर्ति ठप।
लोग पानी खरीदकर या खदानों के पानी से काम चला रहे।
मोटर जलने और पाइपलाइन कार्य से संकट गहराया, टैंकर की मांग।
जागरण संवाददाता, धनबाद। करकेंद, केंदुआ, लोयाबाद, पुटकी समेत झमाडा क्षेत्र के लाखों लोगों के सामने इन दिनों पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बीते 12 दिनों से पूरी तरह से जलापूर्ति ठप है। अब लोगों को पानी खरीद कर अपने रोजमर्रा के काम करने पड़ रहे हैं।
बुधवार को ऐसी स्थिति हो गई कि लोग कोयला खदानों के पानी से घरेलू काम पूरा करने को मजबूर हैं। नतीजतन अब आम लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। करकेंद बाजार में 17 जुलाई को अंतिम बार नियमित जलापूर्ति हुई थी।
लगभग एक सप्ताह बाद 23 जुलाई को केवल आंशिक जलापूर्ति हुई, जो लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं कर सकी। इसके बाद से जलापूर्ति ठप है। यही हाल अन्य इलाकों का भी है।
करकेंद में मोटर जली
जलापूर्ति ठप होने का मुख्य कारण करकेंद पानी टंकी का मोटर जलना बताया जा रहा है। दूसरा कारण झमाडा के जामाडोबा जलसंयंत्र में 18 इंच पाइपलाइन जोड़ने का कार्य भी चल रहा है। इससे जामाडोबा से ही जलापूर्ति नहीं हो रही।
टैंकर से जलापूर्ति करने की मांग
क्षेत्र में जलापूर्ति नहीं होने के कारण लोग आक्रोशित हो रहे हैं। करकेंद निवासी श्रीराम ने बताया कि इस विकट घड़ी में जिला प्रशासन को टैंकर से जलापूर्ति व्यवस्था उपलब्ध कराना चाहिए। वहीं अन्य लोगों की मानें तो पुटकी, केंदुआ, करकेंद और लोयाबाद के लिए पेयजल हमेशा से बड़ी समस्या रही है।
एलएंडटी ने बिछाया पाइप, पर जलापूर्ति नहीं
उपरोक्त इलाकों में नियमित जलापूर्ति के लिए पांच साल पहले एलएंडटी नामक कंपनी की ओर से जलापूर्ति के लिए हर मोहल्ले में पाइप लाइन बिछाया गया था। लोयाबाद इलाके में पानी आपूर्ति भी शुरू हुई, लेकिन करकेंद, केंदुआ, न्यू मेरिंग, आईएन चंद्रो जैसे इलाके में आज तक एक बूंद पानी भी लोगों को नहीं मिला है।
