सुमित राज अरोड़ा, झरिया: दीपावली के तस्तक के साथ झरिया बाजार के पटाखों की दुकानों में रौनक बढ़ गई है। धनबाद सहित पड़ोसी राज्यों से भी लोग झरिया बाजार में पटाखों की खरीददारी करने के लिए पहुंच रहे है। ग्राहकों की पसंद के अनुसार इस वर्ष हर प्रकार के पटाखें दुकानों में मौजूद है। हर कोई अपने समर्थ के अनुसार पटाखें खरीद रहे है। यू तो झरिया स्थित ऊपर कुल्ही व बोरा पट्टी के पटाखें की दुकान बंगाल व बिहार में मशहूर है। क्यूंकि बिहार के गया व बंगाल के आसनसोल, पुरूलिया, रानीगंज सहित आसपास के इलाकों से दर्जनों छोटे व्यापारी पटाखों की खरीदारी करने झरिया के दोनों स्थानों में पहुंच रहे है।

सुबह से रात तक पटाखों की दुकानों में ग्राहक पटाखें खरीद रहे है। पटाखें व्यापारियों की माने तो हर वर्ष दीपावली को लेकर बच्चों के लिए कुछ अलग प्रकार के पटाखें बाजार में आते है। इस वर्ष भी बच्चों को किसी प्रकार का नुकसान ना पहुंचे उसी को देखते हुए बच्चों के लिए अलग प्रकार के पटाखें मंगवाए गए है। प्रशासन के दिशा निर्देश के अनुसार इस वर्ष भी 90 डेसिबल से कम आवाज वाले पटाखें मंगवाया गया है। फिलहाल अभी तक पटाखों की बिक्री में उतनी तेजी नही आई है।

लेकिन आने वाले दिनों में पटाखों की बिक्री में तेजी आ जाएगी। झरिया का मशहूर पटाखा वाला सिकंदर बाबर पटाखें वाले ने बताया कि कोरोना काल के दौरान दो वर्ष पटाखों की बिक्री में कोई तेजी नही देखने को मिली। लेकिन इस वर्ष पटाखों की बिक्री में तेजी आई है। बे मौसम बारिश की वजह से इस वर्ष पटाखों की कीमतों में तेजी देखने को मिला है। पटाखा कारोबारी सिकंदर ने बताया कि बंगाल व बिहार के खुदरा दुकानदार हर वर्ष पटाखें की खरीदारी करने के लिए झरिया पहुंचते है।

इस वर्ष 15 प्रतिशत की आई पटाखों में तेजी 

इस वर्ष पटाखा फोड़ने वालों अपनी जेब ज्यादा ढीली करनी पढ़ेगी। पटाखा कारोबारी सिकंदर ने बताया कि इस वर्ष शिवाकाशी में ही पटाखों के कीमतों में लगभग 15 प्रतिशत की तेजी देखने को मिल रही है। इसके बाद ट्रांसपोर्टिंग में भी काफी उछाल आया है। इसा सीधा असर खुदरा दुकानदार व आम लोगों की जेब में पढ़ने वाला है। वही बे मौसम बारिश की वजह से भी पटाखों की कीमतें बढ़ गई है। इस वर्ष बच्चों के लिए विशेष कर छोटी लड़ियां, छोटे आलू बम, फुलझड़ी, छोटे अनार, रंग बिरंगी रौशनी सहित कई प्रकार के पटाखें मंगवाए गए है।

इस वर्ष झरिया में पटाखों के भाव 

धानी, 20 से 55

अनार, 50 से 500

हाइड्रो बम , 25 से 400

जलेबी, 60 से 450

रौशनी, 70 से 500

रस्सी, 100 से 210

लड़ी, 40 से 1600

आसमानी बम, 120 से 5000 रुपये प्रति पैकेट झरिया के दुकानों में बिक रहे है।

विगत वर्ष झरिया में पटाखों के भाव

धानी, 18 से 45

अनार, 45 से 420

हाइड्रो बम, 25 से 300

जलेबी, 45 से 370

रौशनी, 55 से 420

रस्सी, 60 से 170

लड़ी, 30 से 1200

आसमानी बम 100 से 4200 रुपये प्रति पैकेट झरिया के दुकानों में बिक रहे थे।

इन कंपनी का आ रहा बाजार में पटाखा 

मुर्गा, सुप्रीम, इंडिगो, अशोक, अरुण, केकेआर, रामजी, पांडा, मनोज, सोनी, स्टार कंपनी के पटाखें झरिया बाजार की दुकानों में आ रहे है।

Edited By: Atul Singh

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