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धनबाद-गया रूट पर बिछेंगी 2 नई रेल लाइनें: 242 KM ट्रैक का टेंडर जारी, अब और फर्राटे भरेंगी ट्रेनें

Published: Thu, 27 Aug 2026 07:00 AM (IST)

धनबाद में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी शुरू हो गई है, जिससे हावड़ा-नई दिल्ली रेल मार्ग पर ...और पढ़ें

धनबाद में तीसरी और चौथी रेल लाइन का काम शुरू, बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या

धनबाद में तीसरी और चौथी रेल लाइन का काम शुरू, बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या

HighLights

  1. धनबाद में तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की तैयारी।

  2. हावड़ा-नई दिल्ली रूट पर ट्रेनों का दबाव होगा कम।

  3. पीएम मोदी ने 1 मार्च 2024 को किया था शिलान्यास।

जागरण संवाददाता, धनबाद। मल्टी ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के तहत धनबाद होकर बिछने वाली तीसरी और चौथी रेल लाइन परियोजना की तैयारी शुरू हो गई है। हावड़ा-नई दिल्ली रेल मार्ग पर ग्रैड कार्ड सेक्शन के बिहार के चिरैलापोथु से पहाड़पुर और कोडरमा से प्रधानखंता तक दो नई लाइन बिछेंगी।

242 किमी लंबी नई रेल लाइन प्रोजेक्ट के लिए पूर्व मध्य रेल के सिग्नल एंड टेलिकॉम विभाग ने ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन टेंडर जारी कर दिया है।

धनबाद रेल मंडल के लिए यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, क्योंकि मालगाड़ियों के साथ-साथ हर दिन 100 से अधिक यात्री ट्रेनें इसी रूट से गुजरती हैं। दो नई ट्रैक बिछ जाने से नई ट्रेनें चलने की बाधा दूर हो सकेगी।

क्या है ईपीसी?

इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन मोड का टेंडर है, जिसमें एक ही एजेंसी डिजाइन से लेकर निर्माण तक का काम पूरा करेगी। इससे नई लाइनों पर आधुनिक सिग्नल सिस्टम से परिचालन सुरक्षा कई गुणा बढ़ जाएगी। दो अतिरिक्त ट्रैक बिछ जाने से अधिक ट्रेनें चलाई जा सकेंगी।

धनबाद-गया मार्ग पर ट्रेनों का दबाव कम हो सकेगा। पूरे कॉरिडोर में विश्वसनीय और कुशल ट्रेन संचालन के लिए आधुनिक सिग्नल एंड टेलिकाम आधारभूत संरचना तैयार होगा।

पीएम मोदी ने क मार्च 2024 को किया था शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक मार्च 2024 को इस प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया था। इसके साथ ही धनबाद-चंद्रपुरा रेल मार्ग के वैकल्पिक मार्ग धनबाद-मतारी के बीच 479 करोड़ से 28 किमी नई रेल लाइन, 350 करोड़ की लागत वाली प्रधानखंता-पाथरडीह बाजार-भोजूडीह के बीच 17.10 किमी दोहरीकरण प्रोजेक्ट, 167 करोड़ लागत वाली जमुनियाटांड़-चंद्रपुरा आठ किमी ट्रैक का दोहरीकरण परियोजना का भी शिलान्यास हुआ था।