धनबाद, [अश्विनी रघुवंशी] लॉकडाउन में सड़क से गलियों तक सिर्फ पुलिस दिख रही है। लॉकडाउन के सारे आदेश का पालन कराने की बड़ी जवाबदेही है। पुलिस कप्तान किशोर कौशल को खाकी पहनने वालों को बचाना है और उनके सहारे आम नागरिकों को भी। एसएसपी किशोर कौशल ने कहा, खाने पीने के सारे सामानों की दुकानें हर मुहल्ले में है। निर्धारित अवधि में आवश्यक सामानों को खरीदने के लिए लोगों को पैदल निकलना होगा, वाहनों से नहीं। जो लोग इस आदेश का पालन नहीं करेंगे, उन पर विधि सम्मत कार्रवाई होगी। इनपुट हेड अश्विनी रघुवंशी द्वारा एसएसपी किशोर कौशल से साक्षात्कार के मुख्य अंश...

सवाल : आवश्यक सामान लेने के लिए लोग घरों से निकल रहे हैं तो पुलिस लाठियां पटक रही है। लोग आखिर क्या करें?

एसएसपी : कोयला नगर में रहने वाले राशन लेने के लिए बैंक मोड़ आते हैं तो कड़ाई होगी ही। धनबाद का शायद ही कोई गली मुहल्ला है जहां एक किमी की परिधि में दवा, राशन, सब्जी और फल की दुकानें न हो। नई व्यवस्था बनाई गई है कि बहुत जरूरत होने पर लोग आवश्यक दूरी बना कर पैदल निकलें। सामान लेकर तुरंत घर जाएं। यदि कोई निर्धारित शुल्क से ज्यादा लेता है तो उस दुकानदार की शिकायत नियंत्रण कक्ष में करें। जिला नियंत्रण कक्ष से पूरे शहर पर लगातार नजर रखी जा रही है।

सवाल : व्यापारियों की शिकायत है कि आवश्यक वस्तुओं की गाडिय़ों को दूसरे राज्यों की सीमा पर रोका जा रहा है। ऐसे में दिक्कत नहीं होगी?

एसएसपी : हम लोगों ने दूसरे प्रदेशों के सीमावर्ती जिलों के शीर्ष अधिकारियों के साथ समन्वय बना लिया है। कोई गाड़ी रोकी जाती है तो सूचना दें। तुरंत उसे छुड़वाया जाएगा। दवा, चिकित्सकीय उपकरण, अनाज, फल, सब्जी, दूध, रसोई गैस और डीजल-पेट्रोल की  सप्लाई चेन को टूटने नहीं दिया जाएगा। कोई कालाबाजारी करेगा तो उसकी कतई खैर नहीं है।

सवाल : थानेदारों की शिकायत है कि कोरोना के संदिग्ध की जांच में विलंब हो रहा है। यह कितना सही है?

एसएसपी : किसी गांव में संदिग्ध व्यक्ति दिखते हैं तो लोगों की शिकायत पर थानेदार ऐसे लोगों को पीएमसीएच या सदर अस्पताल भेज रहे हैं। ऐसे लोगों की थर्मल स्कैनिंग हो रही है। कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं तो ऐसे लोगों की विस्तृत जांच करनी है। जांच में विलंब के मसले पर उच्च स्तर पर लगातार वार्ता हो रही है।

सवाल : लॉकडाउन में भी बंगाल सीमा पर लगातार लोगों का जमावड़ा लग रहा है। आखिर क्यों?

एसएसपी : पश्चिम बंगाल के हावड़ा समेत दूसरे शहरों में उत्तर प्रदेश एवं बिहार के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। ऐसे लोग अपने गांव जाने के लिए स्टेशन और बस पड़ाव पर भटक रहे हैं तो बंगाल सरकार उन्हें लाकर मैथन सीमा पर छोड़ दे रही है। हम लोगों के लिए बड़ी चुनौती हो चुकी है। ऐसे लोगों की स्वास्थ्य जांच के बाद हजारीबाग के नजदीक बिहार सीमा पर भेजा जा रहा है ताकि  वे आगे जा सकें।

सवाल : दो हजार से अधिक पुलिस अफसर से जवान तक सड़क पर हैं। क्या वे भी कोरोना के वाहक नहीं हो सकते?

एसएसपी : इंसान तो वे भी है। सभी जवानों के लिए मास्क और साबुन की व्यवस्था की गई है। डेढ़ हजार जवानों को सैनिटाइजर दिया जा चुका है। पुलिस आफिस, पुलिस लाइन और सभी थानों में पानी की बाल्टी और साबुन का इंतजाम है ताकि कोई संक्रमित न हो। और जो जरूरत होगी, उसकी व्यवस्था की जाएगी।

सवाल : कोरोना से बचाव के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया है?

एसएसपी : बिल्कुल। सभी को 'सुमनके' का फार्मूला समझाया गया है। एस से सीधा, यू से उलटा, एम से मुट्ठी, ए से अंगूठा, एन से नाखुन और के से कलाई को कम से कम 20 सेकेंड तक पानी से धोना है। निर्देश दिया गया है कि पूरी बांह के कपड़े पहनें।

अखबार पर यकीन करें, सोशल मीडिया की अफवाह पर नहीं : एसएसपी किशोर कौशल ने कहा कि लोग अखबार समेत और मीडिया पर यकीन करें, न कि सोशल मीडिया की अफवाह पर। अभी किसी फिल्म के दृश्य को विदेश के हालात के तौर पर प्रचारित किया जा रहा है। जो लोग भी सोशल मीडिया पर गलत संदेश प्रचारित करते हैं, उन्हें तुरंत जेल भेजा जाएगा। कोई पैरवी नहीं। अखबार का वितरण करने वाले हॉकरों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। ऐसे प्रतिकूल हालात में लोगों के प्रति उनका समर्पण काबिले तारीफ है।

Posted By: Sagar Singh

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस