जागरण संवाददाता,धनबाद: अफसरों के मौखिक आदेश पर अब किसी को भी बॉडीगार्ड नहीं मिलेगा। इसको लेकर मुख्यालय से सभी जिलों में आर्डर आया है। जिन्हें भी बॉडीगार्ड दिया जाएगा उनका अभिलेख रखा जाएगा। पहले कई लोगों को सिर्फ एसएसपी व डीसी के कहने पर ही बॉडीगार्ड दे दिया जाता था। मगर अब ऐसा नहीं होगा। इसके अलावा जिन्हें बॉडीगार्ड दिया जाएगा उनकी भी समीक्षा की जाएगी कि वह बॉडीगार्ड रखने लायक है या नहीं। राज्य पुलिस मुख्यालय के नए आदेश के मुताबिक जैगुआर आईआरबी जवान को भी निजी अंगरक्षक पर देने की पाबंदी लग गई है। आदेश के मुताबिक अगर जैप व आईआरबी से किसी को अंगरक्षक दिया जा रहा है तो इसके लिए मुख्यालय व स्पेशल ब्रांच का आदेश भी होना जरूरी है। इसके अलावा एक व्यक्ति को एक से अधिक बॉडीगार्ड नहीं देने का भी आदेश है। अभी अलग-अलग जिलों से वीआईपी को अंगरक्षक उपलब्ध करा दिया जाता है जिनसे उनके पास अगर रक्षकों की संख्या बढ़ जाती है मगर अब ऐसा नहीं होगा। स्पेशल केस में एक से अधिक अंगरक्षक दिया जा सकता है।

धनबाद जिले में एक दर्जन से ज्यादा लोगों के पास है बॉडीगार्ड: धनबाद जिले में करीब 1 दिनों से ज्यादा लोगों के पास बॉडीगार्ड है। इसमें विधायक सांसद के अलावा कुछ व्यवसाई भी शामिल है। एसएसपी के अनुसार जिनको जरूरत है बॉडीगार्ड उन्हें ही मुहैया कराया जा रहा है। सब की समीक्षा भी हरेक महीने होती है होती है। जिनको जरूरत नहीं है उन्हें बॉडीगार्ड नहीं दिया जाता है। वही आदेश के संबंध में एसएसपी संजीव कुमार कहते हैं कि हम पहले से ही इस तरह का आदेश पालन करते आ रहे हैं। पूर्व में भी किसी को मौखिक आदेश पर बॉडीगार्ड नहीं दिया गया है।

Edited By: Atul Singh