संस, निरसा : निरसा थाना क्षेत्र के बेलचढ़ी निवासी 25 वर्षीय सीआरपीएफ के जवान संतोष शर्मा की मृत्यु पश्चिम बंगाल के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार सुबह हो गई। शव घर पहुंचते ही मृतक के स्वजनों का रो रो कर बुरा हाल है। वहीं घटना की सूचना पाकर विधायक अपर्णा सेनगुप्ता एवं पूर्व विधायक अरूप चटर्जी मृतक के घर जाकर उनके स्वजनों से मिलकर ढांढस बंधाया। अरूप चटर्जी मृतक के अंतिम संस्कार के समय तक श्मशान घाट पर मौजूद रहे।

मामले की जानकारी पाकर प्रधानखंटा स्थित सीआरपीएफ के 154 बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट संजय चौहान के नेतृत्व में सीआरपीएफ के जवान मृतक के घर पहुंचकर मामले की जानकारी ली तथा मृतक के अंतिम क्रिया कर्म के लिए तत्काल 50000 दिया। मृतक की पत्नी चार माह की गर्भवती सीमा कुमारी बार-बार मूर्छित हो रही है। आस पड़ोस वाले उसे संभालने में लगे हुए हैं।

जानकारी के अनुसार सीआरपीएफ के जवान संतोष शर्मा छत्तीसगढ़ के सुकमा में पोस्टेड थे। अब उनकी पोस्टिग प्रधानखंता सीआरपीएफ के 154 बटालियन में हुई थी। 28 तारीख को वह सुकमा से निकले थे तथा 29 नवंबर को अपने घर निरसा पहुंचे थे। 7 दिसंबर को उन्हें प्रधानखंता में योगदान देना था। दो दिन पूर्व उनकी तबीयत खराब हुई तो स्थानीय चिकित्सकों से दिखाया। स्थिति बिगड़ने पर शनिवार की रात्रि मिशन अस्पताल दुर्गापुर में भर्ती कराया गया। जहां सुबह उनकी मृत्यु हो गई। सीआरपीएफ सूत्रों के अनुसार मृतक के अन्य पावना के लिए 9 दिन बाद सीआरपीएफ की टीम पुन: आएगी तथा जो भी उसका पावना होगा वह उसके बैंक खाते में ट्रांसफर करने का काम किया जाएगा। जानकारी के अनुसार मृतक संतोष शर्मा तीन भाइयों एवं एक बहन में सबसे बड़े थे। पिताजी रामजी शर्मा ने गैराज चलाकर अपने सभी बच्चों को पढ़ाया लिखाया। लगभग तीन वर्ष पूर्व संतोष शर्मा सीआरपीएफ में बहाल हुए। दो वर्ष पूर्व उनकी शादी सीमा कुमारी से हुई। उसकी मां ममता देवी, बहन रानी कुमारी, मंझला भाई विपिन कुमार शर्मा एवं छोटा भाई राजन शर्मा का रो रो कर बुरा हाल है। घटना की सूचना पाकर शासनबेड़िया पंचायत के मुखिया कविता माझी पहुंची तथा मृतक के स्वजनों को ढांढस बंधाया। तिरंगा झंडे के साथ निकली शव यात्रा

मृतक सीआरपीएफ के जवान संतोष शर्मा की अंतिम यात्रा दोपहर को उनके बेलचढ़ी आवास से निकली। इस दौरान स्थानीय युवक तिरंगा लेकर संतोष शर्मा अमर रहे के नारे लगाते हुए शव के आगे आगे चल रहे थे। उनका अंतिम संस्कार भालजोरिया खुदिया नदी स्थित श्मशान घाट में किया गया। मुखाग्नि संतोष शर्मा के छोटे भाई राजन शर्मा ने दिया। श्मशान घाट पर सीआरपीएफ के जवानों एवं निरसा पुलिस के जवानों ने संतोष शर्मा को गार्ड आफ आनर दिया।

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