जागरण संवाददाता, धनबाद: धनबाद के बैंक मोड़ में छह सितंबर को मुथूट फिनकाॅर्प में डकैती कांड को अंजाम देते वक्त मारा गया भूली का शुभम उर्फ रैबिट इस गैंग का पहला सदस्य नहीं था, जिसका एनकाउंटर कर दिया गया। इससे पहले भी इस गैंग के सदस्य पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं।

वर्ष 2020 में इस गैंग का सक्रिय सदस्य मनीष सिंह महाराष्ट्र के मन्नापुर गोल्ड लोन बैंक से 30 किलो सोना लूट को लीड कर रहा था। इसमें समस्तीपुर गिरोह का राजीव सिंह उर्फ पुल्लू भी शामिल था। पुलिस ने जब इस मामले में वैशाली के हाजीपुर के सूरज उर्फ सन्नी के गिरफ्तार किया तो उसने समस्तीपुर के शागिर्द राजीव का नाम बताया। विनोद राय और सुबोध सिंह जेल में रहने के कारण मनीष सिंह उस वक्त इस गिरोह का संचालन कर रहा था। 16 मार्च 2020 को एसटीएफ ने समस्तीपुर के हसनपुर में मनीष सिंह समेत उसके चार शागिर्द को मुठभेड़ में मार गिराया था। उस वक्त मनीष ने कई लूट कांड को अंजाम दिया था।

राहुल ने लीड किया था बंगाल का सोना लूटकांड

धनबाद के मुथुट फिनकाॅर्प में डाका डालने के दौरान पकड़े गए राहुल उर्फ राघव ने 30 जनवरी 2016 को बंगाल के बाटानगर में 30 किलो सोना लूटा था। सुबोध सिंह और विनोद राय उस वक्त जेल में बंद थे। इसके बाद वर्ष 2017 में 21 जुलाई को जयपुर में 31 किलो सोना लूटा। इस टीम को भी इसी ने लीड किया था। इसके अलावा मुजफ्फरपुर में मुथूट फाइनेंस से सोना लूट में वैशाली जिला के गोखुलपुर निवासी गोखुल राय का नाम सामने आया था।

जिला हाजीपुर के औद्योगिक थाना की पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर रिमांड होम भेज दिया था। जुवेनाइल कोर्ट में पेशी के बाद गोखुल पुलिस को चकमा देकर भाग निकला, लेकिन यह बात पुलिस ने काफी दिनों तक छिपाई । बाद में जब वर्ष 2019 के 26 फरवरी को मुफ्फरपुर के भगवानपुर में मथुट फाइनेंस से 32 किलो सोना लूटकांड में उसका चेहरा सामने आया तो पुलिस ने पड़ताल शुरू की। इसके बाद यह पता चला कि जुवेनाइल कोर्ट से भागने के बाद स्थानीय पुलिस ने न तो मुख्यालय को इसकी खबर दी थी और और ना ही एफआइआर दर्ज कराई थी।

Edited By: Deepak Kumar Pandey