धनबाद, जेएनएन। समय-समय पर धनबाद नगर निगम में मेयर और नगर आयुक्त के बीच राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकार को लेकर तनातनी होती रही है। ऐसी तनातनी धनबाद नगर निगम के इतिहास में कई बार देखने को मिली। अब पहली बार नई तरह की लड़ाई देखने को मिल रही है। पार्षद भी नगर आयुक्त को आंख दिखा रहे हैं। खुद पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप से तिलमिलाए पार्षद निर्मल मुखर्जी धनबाद थाने में नगर आयुक्त चंद्रमोहन कश्यप के खिलाफ की रपट लिखाने पहुंच गए। 

क्या है मामलाः नगर आयुक्त चंद्रमोहन कश्यप ने पार्षद निर्मल मुखर्जी पर कुछ दुकानदारों को डरा-धमका कर रंगदारी मांगने का आरोप लगाते हुए एसएसपी किशोर कौशल को लिखित शिकायत की है। वहीं, अपने बचाव में निर्मल मुखर्जी भी रविवार को धनबाद थाने में नगर आयुक्त द्वारा झूठे मुकदमे में फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए लिखित शिकायत की है। पहली बार ऐसा हुआ है, जिसमें नगर आयुक्त किसी पार्षद के खिलाफ खुद लिखकर पुलिस को दिए हैं। पुलिस भी मामले की छानबीन कर रही है। 

एसएसपी को दिए गए पत्र में नगर आयुक्त ने लिखा है कि उन्हें कई जगहों से ऐसी सूचनाएं मिली कि पार्षद निर्मल मुखर्जी अपने लेटर पैड का दुरुपयोग करते हैं और आम दुकानदारों को गुमराह कर उससे रंगदारी स्वरूप भयादोहन करते हैं। दुकानदारों को नगर निगम के नाम पर विभिन्न तरीके से धमकाया जाता हैं और बाद में उससे उगाही की जाती हैं। जबकि निर्मल मुखर्जी ने धनबाद थाने को लिखित शिकायत में बताया है कि नगर आयुक्त उन्हें झूठा मुकदमा में फंसाने की साजिश रच रहे हैं। इधर नगर आयुक्त व पार्षद निर्मल मुखर्जी के बीच विवाद गहराते देख निगम का माहौल भी गरमा गया है। निगम में इस बात की चर्चा शुरू हो गई कि मामला और गहरा सकता है।  

नगर आयुक्त की शिकायतः नगर आयुक्त चंद्रमोहन कश्यप ने निर्मल मुखर्जी के खिलाफ अपने पद व लेटर पैड का दुरुपयोग के संबंध में कुछ दिन पूर्व ही एसएसपी को पत्र लिखा है जिसमें बबलू तिवारी समेत 22 लोगों के आवेदनों का जिक्र करते हुए पार्षद पर गंभीर आरोप लगाए हैंं। नगर आयुक्त ने एसएसपी को अपने स्तर से पूरे मामले की जांच कर विधि सम्मत कार्रवाई के लिए लिखा। हालांकि नगर आयुक्त ने इसपर कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार किया है। 

भ्रष्टाचार के खिलाफ पत्राचार में फंसाने की साजिश : पार्षद निर्मल मुखर्जी ने धनबाद थाने में नगर आयुक्त के खिलाफ लिखित शिकायत की है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ पत्राचार करने को लेकर उन्हें षडयंत्र के तहत झूठे मुकदमें में फंसाने की साजिश रची जा रही है। जिस केस में वे जमानत पर हैं, उसी को आधार बनाकर फिर से झूठा मुकदमा दर्ज कराने की साजिश की जा रही है। लिखा पढ़ी बंद नहीं करने पर बर्बाद करने की धमकी दी जाती है। निगम कार्यालय में कभी भी जानलेवा उन पर हमला कराया जा सकता है या झूठा मुकदमा में फंसाया जा सकता है। 

वार्ड पार्षद 26 के खिलाफ नगर आयुक्त का दुकानदारों से दोहन करने की शिकायत आई है। इसकी जांच की जा रही है। पार्षद पर दुकानदारों को डरा धमका कर रंगदारी वसूलने का आरोप लगाया गया है। 

- किशोर कौशल, एसएसपी

Posted By: mritunjay

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