संवाद सहयोगी, सिंदरी : विजयादशमी के अवसर पर इस वर्ष सिंदरी में रावण दहन महोत्सव का भव्य आयोजन होगा। वर्ष 1956 से ही सिंदरी में रावण दहन महोत्सव का आयोजन हो रहा है। पाकिस्तान के मंडी बहाउदीन गुजरात जिले के बंगा गांव से शरणार्थी के रूप में भारत आए चमनलाल लांबा ने सिंदरी में रावण दहन महोत्सव की शुरुआत की थी। नई दिल्ली के रामलीला मैदान और पटना गांधी मैदान में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम के साथ ही सिंदरी में विजयादशमी के अवसर पर रावण दहन महोत्सव का आयोजन हो रहा है।

सिंदरी के रावण दहन महोत्सव का आयोजन झारखंड का सबसे पुराना धार्मिक आयोजन है। सिंदरी के रावण दहन के आयोजन की पूरे प्रदेश में चर्चा होती है। इस आयोजन में न केवल धनबाद जिले से बल्कि पूरे प्रदेश से श्रद्धालु दशहरा महोत्सव को देखने पहुंचते हैं। सबसे लंबे समय तक समाजसेवी प्रभुनाथ सिंह ने रावण दहन महोत्सव का आयोजन किया।

सिंह मेंशन लंबे समय तक सिंदरी के रावण दहन महोत्सव से जुडा रहा। झरिया के विधायक सूर्यदेव सिंह जब तक जीवित रहे, रावण दहन महोत्सव के मुख्य अतिथि हुआ करते थे। जिस वर्ष विधायक सूर्यदेव सिंह का निधन हुआ। रावण दहन महोत्सव का आयोजन नहीं हुआ था। तीन दशक तक रावण दहन महोत्सव के आयोजक प्रभुनाथ सिंह के निधन के कारण एक वर्ष व कोरोना संक्रमण के कारण दो वर्ष रावण दहन नहीं हो सका। स्व. प्रभुनाथ सिंह के पुत्र पूर्व पार्षद दिनेश सिंह ने रावण दहन महोत्सव के आयोजन की जिम्मेदारी संभाली है। इस वर्ष रावण दहन आयोजन को सभी के सहयोग से भव्य रूप दिया जा रहा है।

Edited By: Govind Nath Sharma

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