धनबाद के ग्रामीण इलाकों में लंपी का प्रकोप: एक हजार मवेशी संक्रमित, 10 बछड़ों की मौत से दहशत में पशुपालक
Lumpy Skin Diseaseः धनबाद के टुंडी और पूर्वी टुंडी प्रखंड में लंपी बीमारी तेजी से फैल रही है, जिससे 25 ...और पढ़ें

धनबाद में पशुओं में तेजी से फैल रही लंपी बीमारी। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
धनबाद के टुंडी में लंपी बीमारी से एक हजार मवेशी संक्रमित।
25 पंचायतों में फैला प्रकोप, 10 बछड़ों की मौत।
डॉक्टर ने नीम पत्ते, हिमेक्स मरहम के उपयोग की सलाह दी।
संवाद सूत्र, टुंडी (धनबाद)। Dhanbad Lumpy Diseaseः झारखंड के धनबाद जिले के ग्रामीण क्षत्रों में पशुपालन परेशान हैं। परेशानी का कारण पशुओं में तेजी से फैल रही लंपी बीमारी है।
जिले के टुंडी व पूर्वी टुंडी प्रखंड में लंपी बीमारी की चपेट में आने से 25 पंचायतों में करीब एक हजार मवेशियों के बच्चे गंभीर घाव की चपेट में आकर कराह रहे हैं। वहीं, अब तक दस दुधारू गायों के बच्चों की मौत हो चुकी है।
कैसे फैलती है लंपी
बताया जाता है कि पहले यह वायरस के रूप में फैलती है। जिन मवेशियों के बच्चे इसकी चपेट में आते हैं, वे बुखार और असहनीय दर्द से तब तक कराहते हैं, जब तक उनके शरीर पर हुए घाव फूट नहीं जाते।
घाव फूटने के बाद करीब एक पखवाड़े तक लगातार निगरानी, साफ-सफाई और मरहम लगाने के बाद बीमारी नियंत्रण में आती है। वैसे बच्चे मर जाते हैं, जिनके मुंह और गले में घाव हो जाता है। मुंह और गले में घाव होने पर वे भोजन नहीं कर पाते हैं और भूख व दर्द की वजह से उनकी मौत हो जाती है।
क्या कहते हैं चिकित्सक
टुंडी प्रखंड के भ्रमणशील पशु चिकित्सक डॉ. ए.के. झा के अनुसार, जिन पशुओं के बच्चे लंपी वायरस की चपेट में हैं, वे घबराएं नहीं। इसका समुचित इलाज है।
चिकित्सक की सलाह पर ही इलाज कराएं। जिन मवेशियों के बच्चों को यह बीमारी हुई है, उन्हें नीम के पत्ते खिलाएं तथा घाव पर नीम की पत्तियों को उबालकर ठंडा किए गए पानी से साफ-सफाई करें और हिमेक्स मरहम लगाएं। घाव पर हिमेक्स मरहम लगाने से मक्खियां घाव को कुरेदेंगी नहीं और घाव सूखने लगेगा।
इधर, टुंडी व पूर्वी टुंडी इलाके में लंपी वायरल बीमारी का फैलाव दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। इससे ग्रामीण किसानों में भय का माहौल है।
टुंडी विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता विक्रम पांडेय ने धनबाद उपायुक्त से ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पशुपालन विभाग की टीम भेजकर विशेष कैंप लगाकर इलाज के साथ जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।
