विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Dhanbad Land Subsidence Tragedy: भू-धंसान से टंड़ाबाड़ी बस्ती पर गहरा संकट, अवैध खनन से 300 घर खतरे में

By Sushil Kumar Chourasiya Edited By: Mritunjay Pathak
Published: Wed, 01 Apr 2026 09:21 PM (IST)

Dhanbad Land Subsidence Tragedy: धनबाद की टंड़ाबाड़ी बस्ती में भू-धंसान के कारण 300 घरों के 1500-1600 लोग खतरे में हैं। ...और पढ़ें

भू-धंसान के बाद टंडाबाड़ी बस्ती में पसरा सन्नाटा।

भू-धंसान के बाद टंडाबाड़ी बस्ती में पसरा सन्नाटा।

HighLights

  1. टंड़ाबाड़ी बस्ती में भू-धंसान से 300 घर खतरे में।

  2. अवैध कोयला खनन को भू-धंसान का मुख्य कारण बताया।

  3. ग्रामीणों ने मुआवजे और सुरक्षित पुनर्वास की मांग की।

संवाद सहयोगी, जागरण, बरोरा (धनबाद)। टंड़ाबाड़ी बस्ती में हुए भू-धंसान के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। बस्ती के करीब 300 घरों में रहने वाले 1500 से 1600 लोगों के सिर से छत छिनने का खतरा मंडरा रहा है। लोग भय और दहशत के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, बस्ती के नीचे वर्षों से चल रहे अवैध कोयला खनन ने जमीन को खोखला कर दिया है। इसके कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है और घरों के धंसने का डर लगातार बना हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से अवैध खनन का विरोध करते आ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद इस पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई। प्रशासन की ओर से भी इस मामले में कोई ठोस पहल नहीं दिख रही है।

गोबिंदपुर क्षेत्रीय प्रबंधन पहले ही इस इलाके को असुरक्षित घोषित कर चुका है और लोगों को कई बार यहां से हटने का नोटिस भी दिया गया है। इसके बावजूद न तो रैयतों को समुचित मुआवजा मिला है और न ही विस्थापन की कोई ठोस व्यवस्था की गई है।

ग्रामीणों ने बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि उनकी जान-माल दोनों खतरे में हैं। लोगों ने प्रशासन से अविलंब अवैध खनन पर सख्त कार्रवाई, मुआवजा और सुरक्षित पुनर्वास की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।