संवाद सहयोगी, कतरास: श्मसान में सुविधा और सौंदर्यता के मद में निगम ने करीब एक करोड़ रुपए खर्च कर दी, लेकिन कतरास शहर से जल निकासी की सुविधा सुनिश्चित नही कर पाई।हल्की बारिश में राजगंज रोड जलमग्न

हो जाता है। बारिश खत्म होने के बाद भी कुछ देर तक इस रोड में लोगों की आवाजाही बंद हो जाती है। सब्जी पट्टी से वाहन पड़ाव तक मुख्य सड़क पर जल जमाव हो जाता है। शनिवार की रात हल्की बारिश में राजगंज रोड पर जल जमाव होने से लोगों काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर निगम वार्ड तीन के अधीन कतरास शहर आता है। इसी वार्ड में निगम का अंचल कार्यालय है।

अंग्रेजों के समय की है मुख्य नाली

शहर की मुख्य नाला अंग्रेजों के समय का है। समय के बदलते काल खंड में शहर की आबादी बढ़ी। दुकान व मकानों की संख्या में भी वृद्धि हुई। लेकिन मुख्य नाला वही है। जिसका आधा से अधिक भाग अतिक्रमण के चपेट में है। अतिक्रमणकारियों ने उस पर दुकान बना लिए हैं, जिसके चलते जलनिकासी की बात तो दूर गंदगी की

सफाई कराने में विभाग के पसीने छुट जाते हैं। नाला गन्दगी से जाम पड़ा है।

ऐसे में जलनिकासी में व्यवधान होना लाजमी है।

सड़क पर जल जमाव से परेशानी

हर साल वर्षा ऋतु में कतरास के सब्जी पट्टी में मुख्य सड़क पर जल जमाव होता है। लोग काफी परेशान होते हैं। लेकिन इस ओर कोई ध्यान नही देता है। चाहे विभाग के अधिकारी या जनप्रतिनिधि। पिछले दो दशक से शहर से जल निस्तारण को लेकर सिर्फ बातें हो रही है।

Edited By: Atul Singh