झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यसमिति में धनबाद की मजबूत मौजूदगी, 11 नेताओं को मिली जिम्मेदारी
झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यसमिति में धनबाद के 11 नेताओं को जगह मिली है, जिनमें 8 सदस्य और 3 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।

झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यालय। (प्रतीकात्मक फोटो)
जागरण संवाददाता, धनबाद। भारतीय जनता पार्टी की झारखंड प्रदेश कार्यसमिति में इस बार धनबाद को उल्लेखनीय प्रतिनिधित्व मिला है। प्रदेश नेतृत्व ने कार्यसमिति सदस्यों की सूची जारी कर दी है, जिसमें धनबाद महानगर और ग्रामीण संगठन से कुल 11 नेताओं को स्थान दिया गया है।
धनबाद के आठ नेताओं को प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया है, जबकि तीन वरिष्ठ नेताओं को विशेष आमंत्रित सदस्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रदेश कार्यसमिति में धनबाद महानगर से प्रियंका रंजन, राज कुमार अग्रवाल, योगेन्द्र यादव, संजीव कुमार अग्रवाल, अपर्णा सेनगुप्ता, मनु तिवारी, मो. अनवर हयात और तारा देवी को सदस्य बनाया गया है।
वहीं धनबाद ग्रामीण से ज्ञानरंजन सिन्हा, धरनीधर मंडल और चन्द्रशेखर सिंह को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। नई सूची में कई ऐसे चेहरे शामिल हैं जिनकी लंबे समय से पार्टी संगठन में सक्रिय भूमिका रही है।
धनबाद से मेयर पद का चुनाव लड़ चुके संजीव कुमार अग्रवाल को प्रदेश कार्यसमिति में स्थान मिला है। सिंदरी के पूर्व विधायक इंद्रजीत महतो की पत्नी तारा देवी और भाजपा की सक्रिय नेता अपर्णा सेनगुप्ता को भी प्रदेश स्तर पर जिम्मेदारी देकर संगठन ने उन्हें नई भूमिका सौंपी है।
प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा के प्रतिनिधित्व वाले क्षेत्र से मनु तिवारी को भी प्रदेश कार्यसमिति में जगह मिली है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मनु तिवारी संगठन में गणेश मिश्रा के करीबी माने जाते हैं, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी मिली है।
हालांकि सूची को लेकर कुछ चर्चाएं भी हैं। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, जिन्होंने वर्षों तक संगठन में सक्रिय भूमिका निभाई, उन्हें कार्यसमिति सदस्य के बजाय विशेष आमंत्रित सदस्य बनाया गया है। इनमें पूर्व ग्रामीण जिला अध्यक्ष ज्ञानरंजन सिन्हा और पूर्व शहरी जिला अध्यक्ष चन्द्रशेखर सिंह जैसे अनुभवी नेताओं के नाम शामिल हैं। इसे लेकर कार्यकर्ताओं के बीच अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
प्रदेश कार्यसमिति में धनबाद को मिले इस प्रतिनिधित्व को संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियों के साथ अब इन नेताओं पर संगठन को और मजबूत करने तथा बूथ स्तर तक पार्टी की गतिविधियों को गति देने की जिम्मेदारी होगी।
