पूजा से एक महीने पहले दर्शन कीजिए झारखंड के दुर्गा माता पंडाल, धनबाद में इस बार अनोखी थीमों का संगम
धनबाद में दुर्गा पूजा के लिए पंडाल निर्माण का कार्य तेजी से जारी है, जहां समितियां श्रद्धालुओं को आकर्षित करने ...और पढ़ें

पंडालों में आदिवासी संस्कृति, प्राचीन मंदिर, मोर और शीश महल जैसी आकर्षक थीम।
HighLights
न्यू स्टेशन में आदिवासी-गुपचुप 'टू-इन-वन' पंडाल आकर्षण का केंद्र।
सरायढेला में मोर थीम, अंदर आदिवासी जीवनशैली की मनमोहक झलक।
हीरापुर में अंडमान-निकोबार आदिवासी शीश महल थीम पर पंडाल।
राकेश कुमार महतो, धनबाद। दुर्गापूजा को लेकर शहर में पंडाल निर्माण का काम जोर पकड़ चुका है। इस बार पूजा समितियां श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए अलग-अलग और अनोखी थीम पर पंडाल तैयार करा रही हैं। न्यू स्टेशन रेलवे कालोनी में बाहर आदिवासी और अंदर गुपचुप की थीम पर टू-इन-वन पंडाल बनाया जा रहा है।
सरायढेला में मोर थीम के साथ अंदर आदिवासी जीवनशैली की झलक दिखेगी। हीरापुर में अंडमान-निकोबार के आदिवासी शीश महल की थीम पर प्राकृतिक सामग्री से पंडाल सजाया जा रहा है। वहीं नया बाजार में प्राचीन मंदिर की थीम श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी।
बाहर आदिवासी थीम, अंदर दिखेगा गुपचुप का संसार
श्री श्री दुर्गा पूजा समिति, न्यू स्टेशन रेलवे कालोनी की ओर से इस वर्ष दुर्गा पूजा को लेकर आकर्षक पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। समिति इस बार श्रद्धालुओं के लिए टू इन वन पंडाल तैयार कर रही है। पंडाल की खासियत यह होगी कि बाहर से इसका स्वरूप आदिवासी संस्कृति और परंपरा पर आधारित रहेगा, जबकि पंडाल के अंदर प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को गुपचुप की थीम देखने को मिलेगी।
समिति के महासचिव मुनेश्वर सिंह मुन्ना ने बताया कि पंडाल को आकर्षक और अनोखा बनाने के लिए विशेष सजावट की जा रही है। बाहर आदिवासी थीम के माध्यम से संस्कृति की झलक प्रस्तुत की जाएगी। वहीं अंदर गुपचुप की थीम को रचनात्मक तरीके से सजाया जाएगा।
दोनों थीम श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहेंगी। उन्होंने बताया कि पंडाल निर्माण पर करीब साढ़े सात लाख रुपये, विद्युत सज्जा पर एक लाख 75 हजार रुपये तथा मां दुर्गा की प्रतिमा पर करीब 80 हजार रुपये खर्च होंगे। समिति की ओर से पूजा की तैयारियां जोर-शोर से की जा रही हैं। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

मोर थीम पर सजेगा सरायढेला का दुर्गा पूजा पंडाल
बाहरी हिस्से में दिखेंगे तीन आकर्षक मोर, अंदर आदिवासी जीवनशैली की झलक।सरायढेला स्टील गेट स्थित श्रीश्री दुर्गा पूजा कमेटी, सरायढेला कोला-कुसमा ग्राम पंचायत की ओर से इस वर्ष दुर्गापूजा के लिए आकर्षक पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। इस बार पंडाल की थीम मोर पर आधारित होगी।
पंडाल के बाहरी हिस्से में तीन विशाल और आकर्षक मोर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र होंगे। वहीं, पंडाल के अंदर आदिवासी थीम पर सजावट की जाएगी। इसमें आदिवासी समाज की पारंपरिक जीवनशैली, संस्कृति और रहन-सहन को मनमोहक तरीके से प्रदर्शित किया जाएगा।
समिति के संयुक्त सचिव मथुरा प्रसाद महतो ने बताया कि यहां वर्ष 1989 से दुर्गापूजा का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष पंडाल निर्माण में मेदनीपुर के कारीगरों की विशेष कला देखने को मिलेगी। कारीगर बांस को बारीकी से पतला-पतला छीलकर मोर का स्वरूप तैयार करेंगे।
पंडाल निर्माण पर करीब 20 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। आकर्षक विद्युत सज्जा के लिए बंगाल के चंदननगर से लाइटिंग मंगाई जाएगी। पूजा के दौरान यहां मेले का भी आयोजन होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

झारखंड मैदान में अंडमान निकोबार के आदिवासी शीश महल की थीम
हीरापुर स्थित झारखंड मैदान में सत्यम शिवम सुंदरम दुर्गा पूजा समिति की ओर से इस बार अंडमान निकोबार के आदिवासी शीश महल की थीम पर आकर्षक पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पंडाल के अंदर और बाहर झारखंडी आदिवासी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी। पंडाल का निर्माण हुगला पत्ता, बांस की पट्टी, ताड़ पत्ता, चटाई, जूट और नारियल की माला समेत प्राकृतिक सामग्री से किया जा रहा है।
पंडाल के अंदर आदिवासियों की जीवनशैली को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। इसमें आदिवासी घर, उनके प्रमुख त्योहार, पारंपरिक लोकनृत्य और संस्कृति से जुड़े अन्य दृश्य शामिल होंगे। पूजा समिति की मीडिया प्रभारी विकास साव ने बताया कि इस वर्ष पूजा का कुल बजट करीब 32 लाख रुपये रखा गया है।
इसमें पंडाल निर्माण पर 14 लाख, मां दुर्गा की प्रतिमा पर 1.70 लाख और लाइटिंग पर करीब 3.50 लाख रुपये खर्च होंगे। शेष राशि पूजा-अर्चना, प्रसाद वितरण और विसर्जन समेत अन्य व्यवस्थाओं में खर्च की जाएगी। समिति वर्ष 2000 से पंडाल निर्माण कर दुर्गापूजा का आयोजन करती आ रही है।
प्राचीन मंदिर की थीम पर बनेगा दुर्गा पूजा पंडाल
बैंक मोड़ नगर निगम स्थित नया बाजार सार्वजनिक दुर्गा उत्सव कमेटी की ओर से इस बार प्राचीन मंदिर की थीम पर भव्य दुर्गा पूजा पंडाल का निर्माण कराया जा रहा है। पंडाल के अंदर और बाहर के साथ-साथ मां दुर्गा की प्रतिमा में भी प्राचीन मंदिर की झलक देखने को मिलेगी।
पंडाल का निर्माण करीब पांच लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है, जबकि पूजा का कुल बजट लगभग 10.50 लाख रुपये है। यहां बंगाली परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की विधिवत आराधना की जाएगी। कमेटी के राकेश यादव ने बताया कि नया बाजार में दुर्गा पूजा की शुरुआत वर्ष 1949 में हुई थी।
तब से हर वर्ष विधि-विधान के साथ पूजा का आयोजन किया जाता है। श्रद्धालुओं के लिए आकर्षक और मनमोहक पंडाल का निर्माण इस पूजा की खासियत रही है। इस वर्ष भी पंडाल श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा।
झारखंड की संस्कृति पर सजेगा रानीबांध का पूजा पंडाल
धैया स्थित रानीबांध श्रीश्री दुर्गा पूजा नवयुवक समिति इस वर्ष 16वां वर्ष पूजा का आयोजन करेगी। समिति के अध्यक्ष पप्पू सिंह ने बताया कि इस बार पंडाल का निर्माण झारखंड की सांस्कृतिक थीम पर किया जाएगा। आकर्षक विद्युत सज्जा भी होगी। पूजा परिसर में मेला भी लगाया जाएगा। बंगाल के मूर्तिकार एवं शिल्पकार मां दुर्गा की प्रतिमा का निर्माण करेंगे।
