यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 02, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Dhanbad: डिगवाडीह के गणेश पूजा मेला में फिर हुआ विवाद... थाना प्रभारी से की मेला बंद कराने की मांग
अशोक दत्ता व विनोद मरांडी में प्रशासन जिस पक्ष से कहेंगे। उनसे एनओसी ले लिया जाएगा। मालूम हो कि कई ...और पढ़ें

जागरण संवददाता, झरिया: धनबाद जिला के चर्चित झरिया डिगवाडीह गणेश पूजा महोत्सव के मेला का शुभारंभ होने के साथ ही इस पर ग्रहण लग गया है। गुरुवार को भाजपा नेत्री रागिनी सिंह की ओर से मेला का उद्घाटन डिगवाडीह के सर्कस मैदान जमीन पर करने के साथ ही जमीन का मालिकाना हक जता स्व लखु मांझी के पुत्र विनोद मरांडी ने झरिया के सीओ प्रमेश कुशवाहा और जोड़ापोखर थाना के प्रभारी राजदेव सिंह को पत्र देकर मेला को रोकने की मांग की है।
विनोद ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी को पत्र देकर जिस जमीन पर गणेश पूजा मेला लगाया गया है। उसे अपना होने का दावा किया है। उन्होंने कहा है कि बिना मेरी अनुमति के एनओसी पत्र लिए बगैर मेला कैसे लगाया गया। थाना प्रभारी और सीओ मामले की छानबीन में जुटे हैं। वहीं डिगवाडीह गणेश पूजा महोत्सव कमेटी के अध्यक्ष डॉ एमके ठाकुर ने कहा है कि मेला लगी जमीन पर दो लोग विनोद मरांडी और अशोक दत्ता दावेदारी कर रहे हैं।
अशोक दत्ता व विनोद मरांडी में प्रशासन जिस पक्ष से कहेंगे। उनसे एनओसी ले लिया जाएगा। मालूम हो कि कई वर्ष पूर्व भी डिगवाडीह सर्कस मैदान में मेला लगाने को लेकर दोनों पक्षों ने आपत्ति जताई थी। बाद में समझौता हो गया था इसके बाद मेला चला था। डिगवाडीह गणेश पूजा महोत्सव का मेला जिले में काफी प्रसिद्ध है। यहां एक पखवारा से अधिक समय तक मेला लगता है। दूर-दूर से लोग मेले में आते हैं।
दो वर्षों से नहीं लगा था गणेश पूजा मेला
कोयलांचल का चर्चित गणेश पूजा महोत्सव का मेला दो वर्षों तक कोरोना महामारी के कारण डिगवाडीह सर्कस मैदान में नहीं लगा था। इससे यहां के लोगों में काफी मायूसी थी। इस वर्ष पूजा कमेटी के लोगों ने भव्य तरीके से गणेश पूजा महोत्सव का आयोजन कर मेला लगाने का निर्णय लिया। पूजा कमेटी के अध्यक्ष डॉ एमके ठाकुर ने कहा है कि इस बार डिगवाडीह में भव्य मेला का आयोजन किया गया है।
मेला महिलाओं और बच्चों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। 30 फिट का ऊंचा झूला, टोराटोरा, मीना बाजार सहित कई खाने-पीने की दुकानें लगाई गईं हैं। जमीन के विवाद को सुलझाने में कमेटी व स्थानीय लोग उपेन्द्र विश्वकर्मा, अवध बिहारी राम, मनीष तिवारी, दिनेश यादव, उत्सव राम, अमृत मोदी, झुना यादव, उज्ज्वल मंडल आदि लगे हैं।
