नितिन नवीन के दौरे में भी दिखी धनबाद भाजपा की कलह, केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंची गुटबाजी की गूंज
धनबाद भाजपा में लंबे समय से चल रही अंदरूनी कलह केंद्रीय नेतृत्व तक पहुँच गई है। नितिन नवीन के दौरे ...और पढ़ें
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राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, धनबाद। भाजपा में लंबे समय से सुलग रही अंदरूनी कलह अब केंद्रीय नेतृत्व की चौखट तक पहुंच गई है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतिन नवीन के रांची व बोकारो दौरे के दौरान संगठन के भीतर चल रहे मतभेद, नेताओं की आपसी प्रतिस्पर्धा और गुटबाजी एक बार फिर चर्चा को पहुंचाने में लोग लगे थे।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा है कि दौरे के दौरान विभिन्न गुटों से जुड़े नेताओं और समर्थकों ने अपने-अपने स्तर पर केंद्रीय नेतृत्व तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास किया, ताकि संगठन के शीर्ष पदाधिकारी पूरे घटनाक्रम से अवगत हो सकें।
बताया जाता है कि नेताओं के समर्थक इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रहे बयान, समाचारों की कटिंग, संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारियां लेकर केंद्रीय नेतृत्व के प्रतिनिधियों तक पहुंचे।
उद्देश्य यह था कि उनके पक्ष को भी सुना जाए और स्थानीय स्तर पर चल रहे विवादों की वास्तविक तस्वीर शीर्ष नेतृत्व के सामने रखी जा सके।
खुलकर हो रहा वार-पलटवार
धनबाद भाजपा में सांसद ढुल्लू महतो, झरिया विधायक रागिनी सिंह, जिला अध्यक्ष श्रवण राय और विधायक राज सिन्हा के बीच बढ़ते मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
इनमें सबसे अधिक चर्चा सांसद ढुल्लू महतो और विधायक रागिनी सिंह के बीच राजनीतिक टकराव की हो रही है। वहीं जिला अध्यक्ष श्रवण राय के साथ भी संबंधों में लगातार खटास बढ़ने की बात कही जा रही है। संगठन के भीतर विभिन्न शक्ति केंद्र बनने की चर्चा भी तेज है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि हाल के दिनों में कई नेताओं ने अपने पारंपरिक राजनीतिक क्षेत्रों से बाहर निकलकर दूसरे क्षेत्रों में सक्रियता बढ़ाई है।
इसे केवल जनसंपर्क अभियान नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं और संगठनात्मक प्रभाव बढ़ाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। इससे कार्यकर्ताओं के बीच भी असमंजस की स्थिति बन रही है कि किस नेतृत्व की लाइन को प्राथमिकता दी जाए।
कोयलांचल क्षेत्र में कोयला चोरी और अवैध कारोबार का मुद्दा भी इस विवाद को और गहरा कर रहा है। भाजपा नेताओं के बीच इस विषय पर सार्वजनिक बयानबाजी लगातार हो रही है।
सांसद ढुल्लू महतो कई मंचों से क्षेत्र में 'माफिया राज' होने की बात कह चुके हैं। इन बयानों ने न केवल राजनीतिक माहौल को गर्म किया है, बल्कि संगठन के भीतर भी असहजता बढ़ाई है।
केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंची बात
सूत्रों के अनुसार, नीतिन नवीन के दौरे के दौरान भी नेताओं के बीच समन्वय की कमी और आपसी दूरी के संकेत केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचे। यही कारण है कि धनबाद भाजपा की स्थिति को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से चर्चा होने लगी है।
फिलहाल संगठन का शीर्ष नेतृत्व पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने तथा मतभेदों को कम करने की दिशा में पहल की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि समय रहते इन मतभेदों को दूर नहीं किया गया तो इसका असर आने वाले चुनावों, संगठनात्मक कार्यक्रमों और भाजपा की स्थानीय राजनीतिक ताकत पर पड़ सकता है। यही वजह है कि अब सबकी नजर केंद्रीय नेतृत्व की अगली रणनीति और संभावित हस्तक्षेप पर टिकी हुई है।
