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धनबाद में 5-डे बैंकिंग की मांग पर बैंककर्मियों की हड़ताल, करोड़ों का कारोबार ठप

By Ravi ChaurasiaEdited By: Mritunjay Pathak
Published: Fri, 11 Sep 2026 01:10 PM (IST)

धनबाद में 5-डे बैंकिंग की मुख्य मांग को लेकर बैंककर्मी हड़ताल पर चले गए, जिससे सभी ऑफलाइन बैंकिंग सेवाएं ठप हो गईं और करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ।

धनबाद के लुबी सर्कुलर रोड स्थित यूनियन बैंक के समक्ष प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी व संगठन सदस्य। (फोटो जागरण)

धनबाद के लुबी सर्कुलर रोड स्थित यूनियन बैंक के समक्ष प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी व संगठन सदस्य। (फोटो जागरण)

HighLights

  1. 5-डे बैंकिंग की मांग को लेकर धनबाद में बैंक हड़ताल।

  2. सभी ऑफलाइन बैंकिंग सेवाएं ठप, करोड़ों का कारोबार प्रभावित।

  3. मांगें न मानने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी बैंककर्मियों की।

जागरण संवाददाता, धनबाद। पांच-डे बैंकिंग (सप्ताह में पांच दिन काम) की मुख्य मांग को लेकर बातचीत विफल होने के बाद यूएफबीयू के आह्वान पर देशव्यापी आंदोलन के तहत शुक्रवार से धनबाद के बैंककर्मी भी हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के कारण बैंकों में सभी प्रकार के ऑफलाइन कामकाज ठप पड़ गए, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इस दौरान धनबाद के विभिन्न क्षेत्रों जैसे हीरापुर, बैंक मोड़, पुलिस लाइन, सरायढेला, मटकुरिया समेत तमाम इलाकों में बैंक कर्मचारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में एकजुट होकर केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जोरदार विरोध जताया।

हीरापुर इंडियन बैंक के अधिकारी विवेक कुमार ने बताया, पांच-डे बैंकिंग हमारी मुख्य और जायज मांग है। करीब दो साल पहले ही सरकार के साथ इस विषय पर हमारा समझौता हो चुका था कि इसे लागू किया जाएगा, लेकिन दो साल बीत जाने के बाद भी इसे अब तक अमलीजामा नहीं पहनाया गया है।

जब भी हम अपनी मांगों को लेकर संपर्क करते हैं, तो हर बार केवल यही आश्वासन दिया जाता है कि मामला विचाराधीन (कंसीडरेशन) में है। आखिर हम कब तक इंतजार करेंगे। अब बैंककर्मियों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और हम इस बार पांच-डे बैंकिंग लेकर ही मानेंगे।

विवेक कुमार ने कहा कि इस एक दिवसीय हड़ताल के कारण केवल धनबाद जिले में ही 200 से अधिक बैंक शाखाओं के ताले बंद है, जिससे करोड़ों का बैंकिंग कारोबार और लेन-देन प्रभावित हुआ है।

वहीं इंडियन बैंक के संगठन सचिव राजीव कुमार रंजन ने बैंककर्मियों की मांगों और भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा, एलआईसी में 5-डे बैंकिंग लागू कर दिया गया है, लेकिन बैंकों में इसे लागू नहीं किया जा रहा है। इसके अलावा पीएलआई (परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव) के वितरण में भी भारी मतभेद और विसंगतियां हैं, जिसे दूर किया जाना बेहद जरूरी है।

यदि सरकार और प्रबंधन ने हमारी मांगों को जल्द स्वीकार नहीं किया तो आने वाले समय में यह आंदोलन और उग्र होगा। कहा हम पहले तीन दिनों की हड़ताल पर जाएंगे और यदि फिर भी सुनवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।

राजीव कुमार रंजन ने बताया कि हड़ताल के दौरान ग्राहकों की सहूलियत के लिए ऑनलाइन बैंकिंग, इंटरनेट सेवाएं और एटीएम सेवाएं सुचारू रूप से चालू रखी गई हैं, लेकिन शाखा स्तर पर होने वाला तमाम ऑफलाइन कामकाज पूर्णत बंद है। धनबाद में इंडियन बैंक की ही 22 शाखाओं समेत तमाम बैंकों के सौ फीसदी बंद रहने से पूरा बैंकिंग परिचालन ठप्प रहा।