धनबाद में रेमकी के कचरा वाहन से मौत पर हंगामा, परिजनों को मिला मुआवजा और नौकरी का आश्वासन
रेमकी एजेंसी के कचरा वाहन की चपेट में आने से मिथलेश रजक की मौत के बाद परिजनों ने धनबाद नगर निगम के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया।

बारिश के बीच धनबाद नगर निगम कार्यालय के मुख्यद्वार पर शव रखकर धरना देते मिथिलेश रजक के स्वजन।(फोटो अमित सिन्हा)
HighLights
मिथलेश रजक की रेमकी वाहन से दुर्घटना में मौत हुई।
परिजनों ने शव रखकर धनबाद नगर निगम के बाहर प्रदर्शन किया।
दो लाख मुआवजा, नौकरी के आश्वासन पर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
जागरण संवाददाता, धनबाद। धैया ठाकुर कुल्ही निवासी 32 वर्षीय मिथलेश रजक की दुर्घटना में मौत को लेकर गुरुवार को उसके परिवार के लोगों ने स्थानीय लोगों की मदद से नगर निगम का घेराव किया। मृतक के परिवार वाले मुआवजा की मांग पर डटे रहे। हालांकि इस बीच निगम व पुलिस प्रशासन के हस्तक्षेप से परिवार वालों को मुआवजा व अनुबंध पर नौकरी दिलाने का आश्वासन मिला।
घटना मंगलवार की है। मिथलेश रजक की मौत नगर निगम के लिए काम करने वाले सफाई एजेंसी रेमकी की गाड़ी से दुर्घटना के करण हुई थी। लिहाजा मृतक के परिवार वाले एजेंसी पर मुआवजा देने की मांग को लेकर निगम कार्यालय पहुंचे थे।
मौत से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने गुरुवार को नगर निगम कार्यालय के मुख्य गेट के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा और प्रदर्शन किया। परिजन और ग्रामीण मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजे व नौकरी की मांग कर रहे हैं। स्थिति को देखते हुए निगम कार्यालय के गेट बंद कर दिए गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
वहीं बीच सड़क पर बैठे परिजनों ने सड़क के दोनों ओर से वाहनों के आवागम को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया जिसके कारण वाहनों की कतार लग गई और शहर जाम की चपेट में आ गया। मिथलेश शादीशुदा थे और तीन बच्चों के पिता थे। वह कपड़ा धोने और प्रेस करने का काम कर परिवार का भरण-पोषण करते थे।
उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। गुरुवार को परिवार वाले और स्थानीय लोग लुबी सर्कुलर रोड स्थित नगर निगम कार्यालय के बाहर सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवारवालों को मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को नियोजन देने की मांग की।
वहीं प्रदर्शन के कारण सड़क पर जाम लग गया और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवारवालों और स्थानीय लोगों का कहना है कि मृतक परिवार का मुख्य कमाने वाला सदस्य था।
ऐसे में परिवार के भविष्य को देखते हुए निगम प्रशासन को उचित मुआवजा और नियोजन देना चाहिए। वहीं धनबाद थाना प्रभारी मनोज पांडेय दलबल के साथ मौके पर मौजूद थे।
मंगलवार को हुई थी घटना
घटना मंगलवार शाम की है। बताया जाता है कि मिथलेश घर जा रहे थे। इसी दौरान सकरा सड़क पर रेमकी एजेंसी का कचरा ढोने वाला वाहन बैक कर रहा था। इसी क्रम में वाहन की चपेट में आने से मिथलेश गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सर पर गंभीर रूप से चोट थी।
परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया। वहां से चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल रेफर कर दिया। परिवार वालों ने मिथलेश को असरफी अस्पताल में भर्ती कराया जहां गुरुवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
सांसद ने परिजनों व रेमकी एजेंसी से की वार्ता
वहां से गुजर से सांसद ढूलु महतो को मामले की जानकारी होने के बाद वह मृतक मिथलेश रजक के परिवारवालों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रेमकी एजेंसी से भी वार्ता की और परिवार वालों को दो लाख मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को 25 से 28 हजार वेतन का नियोजन देने की बात कही। जिसपर रेमकी ने सहमति जताई।
साढे चार बजे लिखित आश्वासन पर हटे परिवार वाले
नगर निगम कार्यालय के समक्ष मिथलेश रजक के शव को लेकर प्रदर्शन कर रहे परिवार वाले व स्थानीय शाम साढे चार बजे तक डटे रहे। जब रेमकी के प्रतिनिधि वार्ता की लिखित कापी लेकर पहुंचे उसके बाद मृतक के परिवारवालों व स्थानीय लोग वहां से शव लेकर रवाना हुए।
मृतक के पत्नी के बयान पर वाहन चालक पर मुकदमा
दुर्घटना में मिथलेश की मौत को लेकर धनबाद थाना की पुलिस ने रेमकी एजेंसी के वाहन चालक पर मुकदमा दर्ज की है जिससे दुर्घटना हुई थी। चालक पर लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप लगाया गया है।
