जागरण संवाददाता, धनबाद। काेल इंडिया व उसकी अनुषंगी कंपनियाें में इलेक्ट्रिक आपरेटर्स की हाे रही माैताें पर खान सुरक्षा महानिदेशक ने चिंता जताई है। पिछले दिनाें हुई काेल इंडिया सेफ्टी बाेर्ड की बैठक में डीजीएमएस के डीजी प्रभात कुमार ने कहा कि सभी कंपनियों में इन दिनों हैवी इलेक्ट्रिकल मशीनरीज की संख्या बढ़ रही है। उनसे जुड़े हादसे अधिक हो रहे हैं और इलेक्ट्रिकल मशीन चलाने वाले कर्मचारियों के मौत के आंकड़े सभी कंपनियों में अधिक हुए हैं। इस पर कंपनियों को विशेष ध्यान देना होगा। कुमार ने इनके काम के तौर तरीके की जांच करने और उन्हें सही प्रशिक्षण देने व सुरक्षा का ध्यान रखते हुए कार्य करने की सलाह दी। उन्हाेंने कहा कि उनकी माैत के कारण या ताे यह हाे सकते हैं कि उन्हें सही तरीके से प्रशिक्षण नहीं दिया गया अथवा कार्यशैली में कहीं खामी है। सुरक्षा के प्रमुख बिंदुओं का सख्ती से अनुपालन नहीं हाेने से भी हादसे बढ़ते हैं। उन्हाेंने सुरक्षा उपायाें के साथ काम करने और सुरक्षित कार्यशैली का सख्ती से अनुपालन करने की ताकीद की।

तकनीकी कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाएगी

कुमार ने इस बात पर भी चिंता जताई कि खदानों में तकनीकी कर्मचारियों की संख्या काफी कम है। इनकी बहाली के लिए डीजीएमएस पहले भी कह चुका है लेकिन इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए। कुमार ने बताया कि दिसंबर 20 तक की परीक्षा ली जा चुकी है और उनके परिणाम भी प्रकाशित कर दिए गए हैं। जो बचे हैं उनका भी जल्द प्रकाशित कर दिया जाएगा। उन्होंने डीजीएमएस से प्रमाण पत्र प्राप्त माइनिंग सरदार, ओवरमैन व अन्य तकनीकी कर्मचारियों की बहाली जल्द करने पर जोर दिया।

सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान बनाएं

काेलकाता में हुई बैठक में कई विषयों पर चर्चा हुई। चेयरमैन ने सभी अनुषंगी कंपनियों से आए पदाधिकारियों व यूनियन प्रतिनिधियों से कहा कि वे सेफ्टी मैनेजमेंट प्लान तैयार करें और उसी के तहत खनन कार्य करें। खदानों के ओबी डंप की सुरक्षा के लिए स्लोप स्टैबिलिटी रडार पर भी चर्चा की गई। सीएमपीडीआइएल से इसका अध्ययन करवाने व व उसके बाद खरीद की प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। बैठक में कोल इंडिया के तकनीकी निदेशक बिनय दयाल, बीसीसीएल के सीएमडी पीएम प्रसाद, तकनीकी निदेशक चंचल गोस्वामी, सुरक्षा महाप्रबंधक आशुदोष द्विवेदी समेत सभी अनुषंगी कंपनियों के सीएमडी, डीटी व सेफ्टी जीएम मौजूद थे। एबीकेएमएस के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह, एटक के सीजे जोसफ व अन्य श्रमिक प्रतिनिधि मौजूद थे।

Edited By: Mritunjay