धनबाद। घरेलू हिंसा की शिकार हुई बहू अब नौकरी करना चाहती है, लेकिन ससुराल वालों को यह गवारा नहीं। बहू संगीता कुमारी की सास और ननद ने उसके सर्टिफिकेट इसलिए जब्त कर लिए कि वह कहीं नौकरी न कर सके। मूल रूप से जमशेदपुर की रहने वाली संगीता कुमारी की शादी वर्ष 2017 में धनबाद के सरायढेला स्थित श्याम बिहारी कॉलोनी निवासी अमित कुमार के साथ हुई थी। सब कुछ सामान्य था, लेकिन उसकी सास और दो ननदों को उसकी पढ़ाई नागवार लगी।

संगीता ने बताया कि उसके पति दुर्गापुर में नौकरी करते हैं। सास बीसीसीएल कर्मी हैं। एक ननद डीएवी पब्लिक स्कूल कोयलानगर की शिक्षिका हैं। बावजूद इसके उन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया। वह वापस जमशेदपुर चली गई। कुछ दिनों के बाद पति की तरफ से तलाक के कागजात भेज दिए गए। पांच सितंबर को संगीता परिजनों के साथ धनबाद पहुंची, लेकिन ससुरालवालों ने उसे घर में आने से रोक दिया। उसने बहुत मिन्नत की है कि उसके शैक्षणिक प्रमाण पत्र उसे दे दे, लेकिन घर वालों ने एक भी न मानी।

प्रमाण पत्र हासिल करने संगीता सरायढेला थाने पहुंची। वहां से उसे महिला थाने भेज दिया गया। वह पांच सितंबर से धनबाद में रह कर सर्टिफिकेट हासिल करने की लड़ाई लड़ रही है। धनबाद के एसडीओ ऑफिस से लेकर महिला थाने तक भटक रही संगीता ने बताया कि उसने हैदराबाद से इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया है। उसने नाल्को में डिप्लोमा इन अप्रेंटिस के लिए आवेदन दिया था, जिसका इंटरव्यू 16 तारीख को है। सर्टिफिकेट नहीं मिला तो वह इंटरव्यू नहीं दे पाएगी।