जासं, धनबादः जिले में नवरात्रि की महाअष्टमी पर बुधवार काे माता महागाैरी की पूजा-अर्चना की जा रही हैं। देवी पुराण के अनुसार नवदुर्गा का यह 8वां स्वरूप है। घराें, मंदिराें व पूजा पंडालाें में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा काे पुष्पांजलि अर्पित की जा रही हैं। मंत्राेच्चार से पूरा वातावरण भक्तिमय हाे उठा है। इसके अगले दिन महानवमी शुरू हो जाएगी और शुक्रवार को दशमी तिथि मनाई जाएगी।

पंडित अक्षय आचार्य के अनुसार महानवमी व विजयादशमी काे लेकर ऋषिकेश, मिथिला और बांग्ला पंचांग में अलग-अलग शुभ मुहूर्त का समयसारणी है। ऋषिकेश पंचांग के अनुसार नवमी को जयंती धारण व विजयादशमी तिथि शुक्रवार काे कलश विसर्जन की जाएगी। प्रतिमा विसर्जन के लिए भी उस दिन उचित है। कई लोग जो घरों में प्रतिमा स्थापित कर पूजा आयोजन करते हैं व उस दिन प्रतिमा विसर्जन करेंगे। देवी पुराण के अनुसार श्रवणा नक्षत्र में माता दुर्गा पृथ्वीलाेक से स्वर्गलाेक के लिए प्रस्थान करती हैं। इसलिए उस दिन विसर्जन के लिए उचित माना गया है। 

मंदिरों में शारीरिक दूरी बनाकर किए मां के दर्शन

शहर के भुईफोड़ मंदिर, खंडे़श्वरी मंदिर, विनोद नगर मनोकामना मंदिर व शहर के अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं ने शारीरिक दूरी बनाकर मांं दुर्गा के दर्शन किए। शक्ति मंदिर में मां दुर्गा के दर्शन के लिए कूपन की व्यवस्था की गई है। जिस कारण श्रद्धालुओं को मांं के दर्शन में सहूलियत हुई। तथा बच्चों के लिए मंदिर के बाहर एलइडी स्क्रीन से दर्शन कर आशीष लिए। 

Edited By: Atul Singh