कतरास/दानापुर, जेएनएन। दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने कतरास से दानापुर गए तीन दोस्तों की गंगा में डूबने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई, जब तीनों अन्य दोस्तों के साथ गंगा स्नान करने अकिलपुर थाना क्षेत्र के पुरानी पानापुर घाट पर गए थे। स्नान के दौरान तीनों गहरे पानी में चले गए और डूब गए। जानकारी मिलते ही गंगाघाट पर भीड़ लग गई। चीख-पुकार मच गई। घटना की जानकारी अधिकारियों को मिलते ही आननफानन अंचलाधिकारी महेंद्र प्रसाद, दानापुर थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार और अकिलपुर थानाध्यक्ष अमान अशरफ घाट पर पहुंचे। प्रशासन द्वारा स्थानीय गोताखोर की मदद से तीनों शवों को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया।

जानकारी के मुताबिक, कतरास के माहथाडीह निवासी धनंजय गुप्ता का पुत्र मासूम गुप्ता (18), मुन्ना गुप्ता का पु्त्र सचिन गुप्ता (18) और रतन गोप का बेटा अजय गोप (20) अपने दोस्त दानापुर के जजेज कॉलोनी निवासी रूपम कुमार की बहन श्वेता की शादी में शामिल होने 19 अप्रैल की सुबह धनबाद से दानापुर आए थे। उसी दिन शादी थी। सोमवार को रिसेप्शन था, जिसमें शामिल होने के लिए सभी रुके थे। रिसेप्शन के बाद सभी लौटने के लिए ट्रेन पकडऩे वाले थे।

नानी के पास माहथाडीह में रहता था रूपमः घाट पर पहुंचे रूपम के पिता विनोद कुमार सिंह ने बताया कि रूपम नानी के यहां धनबाद में ही रहता है। उसके सभी दोस्त शादी में शरीक होने धनबाद से दानापुर आए थे।

एकसाथ तीन दोस्तों की मौत से पसरा मातमः दोस्त रूपम की बहन की शादी में दानापुर गए तीन युवकों की मौत की सूचना पर माहथाडीह में मातम पसर गया। सूचना मिलते ही तीनों के परिजन पटना के लिए रवाना हो गए। रूपम की नानी रह रहकर अचेत हो जा रही थी। बार-बार यही कह रही थी कि काल ही इन बच्चों को वहां खींच ले गया।

मासूम गुप्ता (18) घर का इकलौता चिराग था। पिता धनंजय गुप्ता की आठ साल पहले मौत हो चुकी थी। उसकी बहन भी नहीं थी। वह अपने चाचा के साथ रहकर पढ़ाई करता था। सचिन गुप्ता (18) पीके राय कालेज में स्नातक का छात्र था। उसके पिता मुन्ना राम गुप्ता सब्जी की दुकान चलाकर अपने परिवार का जीविका चलाते थे। वह मुन्ना राम का इकलौता पुत्र था। उसकी एक बहन है, वह दसवीं की छात्रा है। अजय गोप 20 वर्ष के पिता रतन गोप बीसीसीएल के कर्मी हैं तथा गोविंदपुर कोलियरी में कार्यरत हैं। वह चार भाइयों में सबसे छोटा है।

मौसेरे भाई सन्नी के साथ नानी के पास रहता था रूपमः महथाडीह निवासी सेवानिवृत्त बीसीसीएल कर्मी चारी देवी की दो बेटियां हैं। पिता की मौत के बाद दोनो बेटियां मां के साथ रहने लगीं। उनमें से एक बेटी की पुत्री श्वेता तथा उसका भाई रूपम है। ये भी यहां अक्सर अपने नानी के यहां रहा करते थे। दूसरी बेटी का पुत्र सन्नी है जो रूपम का मौसेरा भाई है। शादी रूपम के बहन श्वेता की थी। इसी शादी में शामिल होने सभी पटना गए थे।

Posted By: mritunjay

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