संवाद सहयोगी, सिजुआ : टाटा स्टील की भेलाटांड़ कोलियरी की भूमिगत खदान में शुक्रवार को चाल धंसने से एसडीएल क्रू के पद पर कार्यरत 50 वर्षीय कर्मी रफीक अंसारी की मौत हो गई, जबकि मैकेनिक दुर्गादास महतो जख्मी हो गए। सुरेश महतो नामक कर्मी को भी आंशिक चोट आने की बात कही जा रही है। हालांकि सुरेश को घर भेज दिया गया है। इस हादसे के विरोध में भेलाटांड़ फीडर अस्पताल में जमकर बवाल हुआ। रफीक जोगता थाना क्षेत्र के कसियाटांड़ बस्ती का रहने वाला था। आक्रोशित बस्ती के लोग अस्पताल पहुंचे और वहां तोड़फोड़ शुरू कर दी। इस दौरान निजी सुरक्षा एजेंसी एसआइएस के जवान भीड़ के हत्थे चढ़ गया। लोगों ने उसकी पिटाई कर दी। किसी तरह वह भीड़ के चंगुल से निकलने में कामयाब हुआ। लोगों का आक्रोश देख अस्पताल के दोनों मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया। गांव के बुद्धजीवियों ने किसी तरह उत्तेजित लोगों को शांत कराया। कुछ देर बाद जोगता थानेदार सीपी सिंह अपने सहयोगियों के साथ भेलाटांड़ पहुंचे। पुलिस को देख लोग एक बार फिर भड़क उठे। इसी बीच सअनि शरीक खान भी वहां पहुंचे तो लोग उग्र हो गए। कुछ लोगों ने पुलिस से भी हाथापाई की। लोगों का कहना था कि जब भेलाटांड़ में ही रफीक की मौत हो गई थी तो पुलिस की मौजूदगी में उसे जामाडोबा क्यों भेजा गया? कुछ देर तक धक्कामुक्की व नोकझोंक होती रही। बुजुर्ग व समझदार लोगों के हस्तक्षेप के बाद माहौल शांत हुआ। उधर जामाडोबा में भी परिजनों ने यह कहकर हंगामा किया कि भेलाटांड़ से बिना इलाज किए ही रफीक को जामाडोबा भेज दिया गया। अधिक रक्तस्राव के कारण उसकी मौत हुई है। रफीक के शव को जामाडोबा अस्पताल में रखा गया है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। टाटा स्टील प्रबंधन ने हादसे पर दुख जताते हुए आश्रित को नियोजन व मुआवजा देने की बात कही है।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप