चिरकुंडा, जेएनएन। कार्तिक पूर्णिमा के दिन बराकर नदी में स्नान के दाैरान डूबे धनबाद निवासी मामा राजकुमार और भांजे राजू का शव तीसरे दिन गुरुवार को बाहर आ गया। परिजन शव को कार में लेकर धनबाद जा रहे थे‌। पोस्टमार्टम के बिना शव ले जाने पर बराकर पुलिस की सूचना पर मैथन पुलिस ने शव को कब्जे में ले कर पोस्टमार्टम के लिए धनबाद भेजा दिया।

चिरकुंडा थाना क्षेत्र के बराकर रेलवे पुल के नीचे बराकर नदी में 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर स्नान करने पहुंचे धनबाद के बरमसिया व प्रोफेसर कॉलोनी चिरोगोड़ा निवासी मामा-भांजा के नदी में डूब गए थे। इसके बाद शव की तलाश की जा रही थी। आसनसोल की आपातकालीन टीम के सदस्यों ने मोटर बोट से शव को खोजने का काफी प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद शव बाहर आया। इस मामले में पं. बंगाल पुलिस तथा नगर निगम के पदाधिकारियों ने अपने स्तर पर काफी कोशिश की, लेकिन घटना चिरकुंडा थाना क्षेत्र में होने के बावजूद चिरकुंडा पुलिस झांकने तक नहीं पहुंची।

 

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