धनबाद, जेएनएन। डीएवी स्कूल प्रबंध ने अनुबंध पर कार्यरत सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। स्कूल के इस निर्णय के बाद डीएवी स्कूल में कार्यरत सभी कर्मचारियों की मुसिबत बढ़ गई है। इन कर्मियों को समझ में नहीं आ रहा है कि कोरोना काल में अब क्या करें और कहां जाए। बता दें कि डीएवी ग्रुप के विभिन्न स्कूल में अनुबंध पर कार्यरत करीब 80 से 90 शिक्षक व कर्मचारी है।

वहीं अभिभावक महासंघ ने अनुबंध पर कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों के निकाले जाने की शिकायत पीएमओ, केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल, केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो को ट्वीट करके की हे। महासंघ के महासचिव मनोज मिश्रा ने ट्वीट करके कहा कि केंद्र व राज्य सरकार ने महामारी काल में किसी को नौकरी से न हटाने एवं वेतन पर रोक न लगाने का आदेश दिया है। वहीं, डीएवी संस्था बैक डेट से कर्मचारियों को कार्यमुक्त कर दिया।

बता दें कि मौजूदा दौर में पूरी दुनिया कोरोना वायरस जैसे महामारी से लड़ रही है। भारत में भी इस महामारी से बचाव को लेकर 24 मार्च से लॉकडाउन लागू है। लॉकडाउन के कारण देश के तमाम शिक्षा संस्थान अगले आदेश तक के लिए बंद हैं। ऐसे में सरकार का स्पष्ट निर्देश है कि इस दौरान किसी भी कमचारी को कार्य से नहीं हटाया जाए और न हीं उनका वेतन रोका जाए।

  • अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों का अनुबंध 31 मार्च को खत्म हो गया।यह नियमित प्रक्रिया के तहत किया गया है। किसी को हटाया नहीं जाएगा। फिर से अनुबंध होता है तो साक्षत्कार के बाद इन्हें फिर से रखा जाएगा। -एके पांडेय सहायक क्षेत्रिय पदाधिकारी डीएवी।
  • लॉकडाउन की स्थिति में नहीं हटाना चाहिए। यदि डीएवी प्रबंधन ने ऐसा किया है तो गलत है। फिलहाल इसकी शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। -अलका जायसवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी, धनबाद।

Posted By: Sagar Singh

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