धनबाद, जेएनएन। राज्य सरकार की विफलताओं के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी पूरी ताकत से संघर्ष करेगी। शुक्रवार को रांची में हुई बैठक में यह निर्देश दिया गया। निर्देश के आलोक में शनिवार को जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह ने प्रतिनिधिमंडल के साथ उपायुक्त धनबाद अमित कुमार से मुलाकात की। उन्होंने पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी प्रखंड के बुरु गुलिकेरा गांव में सात आदिवासियों की नृशंस हत्या पर विरोध जताया।

उपायुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि पत्थलगड़ी का विरोध करने पर ग्रामीणों की हत्या कर दी गई। ऐसा जघन्य हत्याकांड राज्य गठन के बाद कभी नहीं हुआ था। घटना में संलिप्त लोगों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। प्रतिनिधिमंडल में नितिन भंट्ट, मानस प्रसून, मिल्टन पार्थसारथी, प्रीतपाल सिंह आजमानी, राजकुमार सिंह ननकी आदि मौजूद थे।

पत्थलगड़ी समर्थकों पर सरकार की मेहरबानी का परिणाम 

भाजपा के जिला महामंत्री संजय झा ने कहा कि भाजपा सरकार की विफलताओं के खिलाफ 26 जनवरी के बाद सड़क पर उतरेगी। सरकार गठन को एक माह हो गए लेकिन मुख्यमंत्री कैबिनेट गठन तक नहीं कर पाए हैं। दूसरी तरफ राज्य में अराजकता की स्थिति है। पत्थलगड़ी का समर्थन नहीं करने पर सात आदिवासियों को मौत के घाट उतार दिया गया। सीएए के समर्थन में रैली करने पर लोहरदगा में पत्थरबाजी की गई व राष्ट्रवादी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया गया। धनबाद में हमें रैली नहीं निकालने दिया जा रहा। दूसरी तरफ विरोधी बिना बात जाने और बिना अनुमति लिए लगातार विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। हमारे तीन कार्यकर्ताओं को धनबाद में घायल कर दिया गया। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। भाजपा सशक्त विपक्ष की तरह सरकार की विफलताओं को उजागर करेगी। वे रांची बैठक से लौटने के बाद दिए गए निर्देशों की जानकारी दे रहे थे। झा ने कहा कि 7 आदिवासियों की हत्या के लिए सीधे ताैर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिम्मेदार हैं। अगर पत्थलगड़ी समर्थकों पर से मुकदमा वापस नहीं लिया जाता तो उनका मनोबल नहीं बढ़ता। 

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