धनबाद, जेएनएन। अपनी मौसेरी नाबालिग बहन की अस्मत लूटकर वीडियो वायरल करने की धमकी देनेवाले टुंडी निवासी एक शख्स को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने ताउम्र कैद एवं 25 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया है।

अभियोजन का संचालन अपर लोक अभियोजक कुलदीप शर्मा ने करते हुए चार गवाहों का परीक्षण कराया था। पीड़िता कक्षा 10 की छात्रा थी। वह अपनी मौसी के घर टुंडी घूमने गई थी। 8 जून 17 की रात पीड़िता को सिर में दर्द होने लगा। तब उसके मौसेरे भाई ने उसे एक दवा लाकर दी जिसके बाद वह बेहोश हो गई। सुबह मौसेरे भाई ने मोबाइल फोन में एक वीडियो दिखाया जिससे पीड़िता को पता चला कि उसके मौसेरे भाई ने उसके साथ दुराचार किया है। उसने पीड़िता को धमकी दी कि यदि वह किसी को बताएगी तो वह वीडियो वायरल कर देगा। इस घटना से पीड़िता सदमे में रहने लगी। आरोपित वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा। 1 अगस्त 17 को सदमे के कारण ही उसने नींद की गोली खा ली। आनन-फानन में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। होश आने के बाद पीड़िता ने अपने परिजनों को सारी घटना बताई। पिता की शिकायत पर आरोपित के खिलाफ टुंडी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

टीडीएस घोटाला के आरोपित को दो वर्ष की कैद धनबाद : फर्जी टीडीएस बनाकर विभिन्न नामों से 11 रिफंड वाउचर की राशि आयकर विभाग से प्राप्त कर लेने के 28 वर्ष पुराने मामले में शुक्रवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। धनबाद सीबीआइ के विशेष न्यायिक दंडाधिकारी शिखा अग्रवाल की अदालत ने आरोपित राजकिशोर वर्मा को 2 वर्ष की कैद तथा 5 हजार रुपये जुर्माना से दंडित किया। अभियोजन का संचालन सीबीआइ के वरीय अभियोजक कपिल मुंडा ने किया। इस मामले के आरोपित रामानंद तिवारी तथा सुरेंद्र प्रसाद को पूर्व में सजा हो चुकी थी। सीबीआइ के भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने इनकम टैक्स विभाग में हुए इस घोटाले का भंडाफोड़ 27 मई 92 को करते हुए प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी के मुताबिक आरोपितों ने फर्जी नामों से बैंक अकाउंट खोल लिया था और फर्जी टीडीएस बनाकर आयकर विभाग से कुल 46 हजार 368 रुपये का रिटर्न उस अकाउंट में प्राप्त किया।

नीरज हत्याकाड में नहीं आया गवाह धनबाद : पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह हत्याकाड में धनबाद जेल में बंद झरिया विधायक संजीव सिंह, पिंटू सिंह, धनंजय सिंह, अमन सिंह, डब्लू मिश्रा, रोहित, कुर्बान, पंकज सिंह, विनोद सिंह, सतीश सिंह को कड़ी सुरक्षा में जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक कुमार दुबे की अदालत में पेश किया गया। शुक्रवार को मामला साक्ष्य के लिए निर्धारित था परंतु लोक अभियोजक बीडी पाडेय ने साक्ष्य पेश करने के लिए समय की प्रार्थना की। अभियोजक ने अदालत को बताया कि मृतकों के जब्त किए गए कपड़े, मोबाइल व अन्य सामान जो एफएसएल जाच के लिए भेजे गए थे उसे कोर्ट में पेश करना आवश्यक है। लिहाजा अदालत उन्हें समय दें। अदालत ने सुनवाई के लिए अगली तारीख निर्धारित कर दी है।

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