धनबाद : रंगदारी के लिए इंजीनियर का अपहरण व सरकारी काम में बाधा पहुंचाने के मामले में धनबाद के डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह हाजिर नहीं हुए। वहीं उनके प्रतिनिधि राजआनंद सिंह अदालत में हाजिर हुए। अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित कर दी है। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विनय कुमार सिंह, दिलीप सिंह तथा सिद्धार्थ शर्मा ने पैरवी की।

1 जुलाई 2016 को कार्यपालक अभियंता नगर निगम अरुण सिंह अपने कार्यालय में काम कर रहे थे। डिप्टी मेयर के प्रतिनिधि राज आनंद ने उन्हें फोनकर बुलाया। बाहर आने पर डिप्टी मेयर की गाड़ी लगी थी। डिप्टी मेयर व राजआनंद सिंह ने उन्हें जबरन गाड़ी में बिठा लिया। पूजा टॉकीज की तरफ गाड़ी लेकर चलने लगे। इसी बीच डिप्टी मेयर ने कहा कि मेरा दो लाख का नुकसान हुआ है, क्यों नहीं दिया। बाबूडीह के आगे डिप्टी मेयर ने कहा यहा कई लोग सो रहे हैं आप अपनी जमीन भी चुन ले। चनचनी कॉलोनी के एक घर के पास डिप्टी मेयर गाड़ी से उतर गये और राजआनंद सिंह को कहा कि इन्हें कार्यालय छोड़ दो। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने अभियंता अरुण सिंह का 8 जुलाई 2016 को धारा 164 के तहत अदालत में बयान दर्ज कराया था। इस मामले में 13 जुलाई 2016 को डिप्टी मेयर एकलव्य सिंह व राजआनंद सिंह ने अदालत में सरेंडर किया था। फिलवक्त दोनों मामले में जमानत पर है। नॉनबैंकिंग कंपनी के पूर्व निदेशक की जमानत पर सुनवाई

धनबाद : नॉनबैंकिंग कंपनी एग्रो सेगील एवं एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड कोलकाता के पूर्व निदेशक रंजीत कुमार दास की अग्रिम जमानत अर्जी पर मंगलवार को सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश अरविंद कुमार पाडेय की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने अधिवक्ता अनवर शमीम की दलील सुनने के बाद निचली अदालत से अभिलेख की माग करते हुए सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित कर दी है। सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधी शाखा ने उच्च न्यायालय के आदेश पर एक अगस्त 14 को प्राथमिकी दर्ज की थी। प्राथमिकी के मुताबिक एग्रो सेगील एवं एग्रो इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने दुमका में लोगों से कई तरह कीस्कीम के तहत कुल पाच लाख रुपये वसूले और उन्हें चूना लगाया था। सीबीआइ ने 28 दिसंबर 18 को कोर्ट में आरोप पत्र दायर किया था। एसडीओ- सीओ व नगर आयुक्त पर मुकदमा हुआ स्वीकृत

धनबाद : डीजीएमएस निवासी अधिवक्ता अमरनाथ तिवारी द्वारा धनबाद के एसडीओ राज महेश्वरम एवं नगर आयुक्त चन्द्रमोहन कश्यप और सीओ प्रशात कुमार लायक के खिलाफ दायर धमकी देने के मुकदमें की सुनवाई अदालत करेगी। मंगलवार को अधिवक्ता पंकज प्रसाद की दलील सुनने के बाद अदालत ने मुकदमा स्वीकृत कर सुनवाई की अगली तारीख निर्धारित कर दी है। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दायर मुकदमा में तिवारी ने आरोप लगाया था कि उनकी दादी सुमित्रा देवी के नाम पर तेलीपाड़ा मे दो एकड़ जमीन है। जिस पर काफी समय से सुमित्रा देवी व उनके उत्तराधिकारियों का कब्जा है। उपरोक्त जमीन पर कोर्ट ने भी सुमित्रा देवी के पक्ष में फैसला दिया। 10 नवंबर 19 को उपरोक्त अधिकारी जबरन उनकी जमीन पर जेसीबी लगवाकर नींव खुदवाने लगे। कागजात दिखाने व कार्य का विरोध करने पर नगर आयुक्त के निर्देश पर ठेकेदार व कर्मचारियों ने गाली गलौज करते हुए धमकी दी। शरीर पर जेसीबी चढाकर मिट्टी में मिला देंगे। कोल लोक अदालत को लेकर तैयारी शुरू

धनबाद : धनबाद में पहली बार आयोजित होनेवाले कोल लोक अदालत को लेकर तैयारियां तेज हो गई है। मंगलवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह चेयरमैन डालसा बसंत कुमार गोस्वामी ने बीसीसीएल के डायरेक्टर पर्सनल आरएस महापात्रा, एजीएम एसके सिंह तथा एसएन सिंह चीफ मैनेजर, बीके लाल सीनियर मैनेजर, डॉ. के सिन्हा डिप्टी मैनेजर, रामानुज प्रसाद व डीएलएओ सतीश चंद्र के साथ बैठक की। बैठक में अधिक से अधिक विवादों का निस्तारण करने का निर्देश जिला जज ने दिया। इस बाबत न्यायाधीश गोस्वामी ने बताया कि कोल अदालत में प्रोन्नति, पीएफ , ग्रेच्युटी, मेडिकल क्लेम, जमीन अधिग्रहण मुआवजा विवाद, नियोजन से संबंधित विवादों का निपटारा किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा की अधिक से अधिक लोग अपने विवादों का पूर्ण विवरण डालसा कार्यालय में दें ताकि उनके विवादों का निपटारा 26 नवंबर को आयोजित कोल अदालत में किया जा सके। बैठक में डालसा सचिव सह अवर न्यायाधीश अरविंद कच्छप, रजिस्ट्रार अर्पित श्रीवास्तव मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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