धनबाद : लॉ कॉलेज के छात्र जयंत की गोली मारकर हत्या कर देने के चर्चित मामले में शुक्रवार को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रवींद्र सिन्हा की अदालत ने आरोपी झरिया निवासी विजेन्द्र यादव, सुनील यादव एवं अरविन्द यादव को दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा के लिए आगामी 15 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।

आठ को हो चुकी है उम्र कैद : 16 अगस्त 2017 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने इस काड के अन्य आरोपी झरिया निवासी गौतम यादव, गुड्डू यादव, फनी सिंह, भीम यादव, विकासमनी तिवारी, विनोद यादव, आकाश सिंह उर्फ कारू सिंह और पवन शर्मा उर्फ पवन पांडेय को उम्र कैद की सजा सुनाई थी।

गोली मारकर हुई थी हत्या : एक फरवरी 2009 को जयंत गोप पुराना पोस्ट ऑफिस के समीप बने सरस्वती पूजा पंडाल में था। रात्रि में करीब एक बजे रहे थे। आरोपी अपने अन्य साथियों के साथ हरवे-हथियार से लैस होकर पंडाल में आए। गौतम यादव ने जयंत को गोली मार दी। गोली मार सभी भाग गए। जख्मी हालत में जयंत को पीएमसीएच धनबाद लाया गया जहा इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जयंत ने अपने भाजा विकास को बताया था कि आरोपी उसे बराबर मुकदमा उठाने की धमकी देते रहते थे। जब वह मुकदमा उठाने को तैयार नहीं हुआ तो उसे गौतम ने गोली मार दी। घटना के बाद मृतक जयंत के भाजा विकास यादव के बयान पर झरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

पुलिस ने दी थी क्लीन चिट : पुलिस ने दो मई 2009 को आठ आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दायर किया था और सुनील, विजेंद्र एवं अनिल को इस मामले में क्लीनचीट दी थी। इसके खिलाफ सूचक ने अदालत में 18 जून 2009 को प्रतिवाद दायर किया था। प्रतिवाद पर आदेश करते हुए अदालत ने उपरोक्त तीनों को इस मामले का अभियुक्त बनाया था। इसे आरोपियों ने सर्वोच्च न्यायालय तक चुनौती दी थी परंतु राहत नहीं मिली थी। 03 अप्रैल 2014 को आरोप तय किए जाने के बाद सुनवाई शुरू हुई थी। अपर लोक अभियोजक अनिल सिंह ने इस मामले में 8 गवाहों का परीक्षण कराया था।

Posted By: Jagran

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