धनबाद, जेएनएन। IIT (ISM) धनबाद के कैंपस में कोरोना वायरस का खौफ सिर चढ़कर बोल रहा है। संस्थान के एक प्रोफेसर के भाई की माैत हो गई। इसे संस्थान परिसर में रहने वालों ने कोरोना वायरस से जोड़ दिया। इसके बाद तमाशा खड़ा हो गया। प्रोफेसर ने बार-बार कहा कि उनके भाई की माैत का कोरोना से कुछ लेना-देना नहीं है लेकिन लोग मानने के लिए तैयार नहीं थे। धनबाद पुलिस-प्रशासन को सूचना दी गई। इसके बाद मृतक का सैंपल लिया गया। अब रिपोर्ट आने के बाद ही माैत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

आइआइटी (आइएसएम) में कोरोना वायरस का डर उस समय सताने लगा जब एक प्रोफेसर के भाई की बुधवार सुबह मौत हो गई। कैंपस में अफरा-तफरी का माहौल हो गया। घंटों बीत जाने के बाद भी जब किसी तरह की सगुबुगाहट नहीं हो रही थी, तब कॉलोनी के लोग आक्रोशित होने लगे। मामला बिगड़ने की नौबत आने लगी, जिस देखकर कैंपस में वरीय सुरक्षा पदाधिकारी राम मनोहर ने निदेशक को वस्तुस्थित से अवगत कराया और सुरक्षा के इंतजाम कड़े कर दिए।

कैंपस स्थित प्रोफेसर क्वार्टर में सिविल इंजीनियरिंग के प्रो. एससी दत्ता के 58 वर्षीय भाई रंजीत दास की मृत्यु बुधवार सुबह हो गयी। थोड़ी देर पहले ही उन्हें लोगों ने सफाईकर्मी को कचरा देते हुए देखा था। ऐसे में अचानक हुई मौत से कॉलोनी के लोगों की शंका बढ़ने लगी कि कहीं उन्हें कोरोना तो नहीं। अभी हाल ही में प्रोफेसर साहब के भाई यहां आए थे। लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं होने लगी कि यदि कोलकाता ले जाना है तो क्यों नहीं ले जा रहे हैं। शव यहां क्यों पड़ा हुआ है। करीब आठ दस घंटे तक शव यूं ही पड़े रहने पर लोगों ने निदेशक को इसकी जानकारी दी। पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद निदेशक प्रो. राजीव शेखर ने उपायुक्त को इसकी जानकारी दी। थोड़ी देर बाद पीएमसीएच से जांच टीम आइएसएम पहुंची। टीम ने मृतक का अलग-अलग कई तरह का सैंपल लिया।

चिकित्सकों ने बताया कि लिए गए सैंपल की जांच रिपोर्ट गुरुवार को आएगी। उसके बाद ही पता लगेगा कि उन्हें कोरोना था या नहीं। हालांकि टीम ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि इनकी मृत्यु हार्ट फेल होने से हुई है।

Posted By: Mritunjay

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