धनबाद, जेएनएन। कोरोना को हराकर जिंदगी की जंग जीतने वाले रेलवे कर्मचारी गौतम कुमार फिर से अपने काम पर लौट आए हैं। रेलवे ने उन्हें उनके पुराने विभाग में ही काम करने की अनुमति भी दे दी है। इसके साथ ही रेलवे ने उस कर्मचारी को कोरोना वॉरियर का सम्मान भी दिया। डीआरएम अनिल कुमार मिश्रा ने गौतम को अपने चेंबर में बुलाकर कोरोना वारियर का सर्टिफिकेट दिया। साथ ही कर्मचारी कल्याण कोष से मौसमी फल और हॉर्लिक्स भी दिया गया। रेलवे की ओर से कहा गया है कि समाज को जागरुकता का संदेश देने के उद्देश्य से कर्मचारी को सम्मान से नवाजा गया। इस दौरान सीनियर डीपीओ उज्ज्वल आनंद समेत इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। 

डीएस कॉलोनी के रेल आवास में रहने वाले ट्रैकमैन गौतम कुमार कोरोना संक्रमित पाए गए थे। 18 अप्रैल को रिपोर्ट आने के बाद इसका खुलासा हुआ था। उन्हें सेंट्रल हॉस्पिटल के कोविड सेंटर पर भेज दिया गया, जहां 14 दिनों तक जंग लड़ने के बाद वह ठीक हो गए। हालांकि इस दौरान डीएस कॉलोनी और आसपास कर्फ़्यू लगा दिया गया जिससे लगभग 600 रेलकर्मियों के परिवार को कठिनाइयों से जूझना पड़ा। सब कुछ सामान्य होने के बाद भी गौतम को सामाजिक बहिष्कार जैसी परिस्थिति का सामना करना पड़ा। अब स्थिति में बदलाव आने की उम्मीद जगी है। 

 

कैसे हुआ कोरोना संक्रमित, यह अब भी रहस्य

गौतम कोरोना संक्रमित कैसे हुआ यह अभी भी रहस्य बना हुआ है। उसके संक्रमित होने के दौरान यह आशंका जताई गई थी कि अपनी गर्भवती पत्नी से मिलने बोकारो के चास आने जाने के दौरान वह संक्रमण का शिकार हुआ था। मगर, जांच में उसके ससुराल के सभी लोग नेगेटिव मिले।

 

 साथ खाना खाने वाला सहकर्मी भी मिला नेगेटिव

उसके संक्रमित होने के बाद जिन कर्मचारियों के उसके संपर्क में आने की लिस्ट जारी हुई। उनमें डीआरएम ऑफिस में उसके साथ खाना खाने वाला कर्मचारी भी शामिल था। बावजूद वह कोरोना की गिरफ्त में नहीं आया। अब यह बड़ा सवाल है कि आखिर रेलकर्मी संक्रमित हुआ कैसे। इस रहस्य से पर्दा हटना अभी बाकी है।

Posted By: Mritunjay

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