धनबाद, जेएनएन।  Chief Minister Hemant Soren केंद्र सरकार कोयला उद्योग में वाणिज्यिक खनन ( Commercial Mining) में आ रही राजनीतिक और कानूनी बाधाओं को दूर करने में जुट गई है। कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने खुद मोर्चा संभाला रखा है। इस मुद्दे पर वे झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को राजी करने के लिए 30 जुलाई को रांची में मुलाकात करेंगे। कोयला मंत्री वाणिज्यिक खनन के फायदे बताएंगे। वाणिज्यिक खनन के विरोध में झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पीआइएल दाखिल कर रखी है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर पक्ष रखने को कहा है। 

वाणिज्य खनन से झारखंड के राजस्व में होगी वृद्धि

वाणिज्यिक खनन के केंद्र सरकार के फैसले का मजदूर संगठन विरोध कर रहे हैं। राजनीतिक विरोध के साथ-साथ कानूनी विरोध की भी तैयारी चल रही है। इसी सिलसिले में झारखंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में पीआइएल दायर की है। केंद्र सरकार कानूनी लड़ाई का समाधान बातचीत के जरिए करना चाह रही है। इस मुद्दे पर सबसे ज्यादा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुखर हैं। उन्हें मनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय कोयला मंत्री ने संभाल रखी है। 30 को कोयला मंत्री झारखंड के मुख्यमंत्री के साथ रांची में कमर्शियल माइनिंग पर विचार-विमर्श करेंगे। साथ ही यह बताएंगे कि इससे झारखंड को क्या लाभ होगा? झारखंड के लोगों को कैसे रोजगार मिलेगा? राज्य के राजस्व में कैसे वृद्धि होगी ? झारखंड में उच्च कोटि का कोयला भंडार है । 41 में  यहां 9 कोल ब्लॉक झारखंड में हैं जिसकी नीलामी  की प्रक्रिया पूरी होनी है।  इसमें धनबाद और गिरिडीह के कोल ब्लॉक है जिसे नीलामी के लिए रखा गया है।

सीएमडी के साथ करेंगे समीक्षा

बीसीसीएल सूत्रों के अनुसार कोयला मंत्री बीसीसीएल, सीसीएल और सीएमपीडीआई के सीएमडी के साथ मिलकर समीक्षा करेंगे।  कोल ब्लॉक की नीतियों पर भी जानकारी लेंगे।  कोयला कंपनियों के सीएमडी ने भी कोयला मंत्री के आगमन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है।

Edited By: Mritunjay