जागरण संवाददाता, धनबाद। भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी के विस्तार के दौरान विवादों में घिरे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने इस बार बड़बोले बयानबाजी से अपनी ही सरकार को असहज कर दिया है। उन्होंने एक ओर जहां मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्य व्यवहार पर असंतोष जताया, वहीं लगातार भाजपा की राह में रोड़े अटकाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के साथ पार्टी के आगामी चुनाव लड़ने की संभावना को भी हवा दे दी। हालांकि गिलुवा के बयान के कुछ देर बाद ही मरांडी ने इस चर्चा को सिरे से नकारते हुए इसे अपने खिलाफ साजिश करार दिया। बाबूलाल मरांडी ने कहा कि कुतुबमीनार से कूदकर जान देना पसंद है, पर भाजपा में शामिल होना नहीं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा ने शनिवार को धनबाद सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि भाजपा कैडरवाली पार्टी है। कार्यकर्ता पार्टी की रीढ़ हैं। मुख्यमंत्री से यदि सम्मान नहीं मिलेगा तो कार्यकर्ता खुद को टूटा हुआ महसूस करेंगे। इसका संगठन के विस्तार और चुनाव पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्य-व्यवहार के कारण पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और विधायक उनसे नाराज हैं। उन्होंने कहा कि यहां यह शिकायत आम है कि कुछ आइएएस अधिकारी सरकार चला रहे हैं।

गिलुआ ने कहा कि उनकी पिछले दिनों मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी के तीन महामंत्री के साथ सीएम की बैठक हुई थी, जिसमें मुख्यमंत्री ने अपने व्यवहार में परिवर्तन लाने का आश्वासन दिया था। सीएम ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए सीधे डीसी-एसपी से बात करने का भी भरोसा दिया था। इसके बाद अब यह मसला खत्म हो गया है।

सीएनटी-एसपीटी संशोधन पर सरकार के साथ, आदिवासी हितैषी बताया
कार्यकर्ताओं के मसले पर सरकार को घेरने वाले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मण गिलुवा के तेवर सीएनटी को लेकर नरम दिखे। पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, सांसद कडि़या मुंडा और पार्टी के कुछ नेताओं और विधायकों द्वारा सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन पर आपत्ति जताने के सवाल पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक्ट में संशोधन आदिवासी और मूलवासियों के हित में है। इस मुद्दे पर दो-दो बार बैठक हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने पार्टी के सभी विधायकों के सामने एक्ट में संशोधन का प्रस्ताव रखा। राज्य के विकास और आदिवासी-मूलवासी के हित में एक्ट में संशोधन पर जो भी सुझाव और विचार हैं, उसका मुख्यमंत्री ने सम्मान करने की बात कही है।

पार्टी के बड़े नेता बाबूलाल के संपर्क में
मधुबन (गिरिडीह) में भी प्रदेश अध्यक्ष अलग ही मूड में नजर आए। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि भाजपा 2019 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव को पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी के साथ मिलकर लड़ना चाहती है। उन्होंने कहा कि भाजपा के बड़े नेता बाबूलाल मरांडी के संपर्क में हैं। बाबूलाल की पार्टी का भाजपा में विलय या फिर तालमेल दोनों सवालों पर बातचीत हो सकती है। बाबूलाल का साथ आना झारखंड के हित में होगा। गिलुवा ने कहा कि बाबूलाल यदि शामिल होते हैं, तो पार्टी उन्हें पूरा सम्मान देगी।
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बाबूलाल मरांडी बोले, कुतुबमीनार से कूदकर जान देना पसंद, भाजपा में शामिल होना नहीं
कुतुबमीनार से कूदकर जान देना पसंद, भाजपा में शामिल होना नहीं। जब भी चुनाव नजदीक आता है, भाजपा इस प्रकार का भ्रम पैदा करने की कोशिश करती है।
बाबूलाल मरांडी, झाविमो सुप्रीमो
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Posted By: Sachin Mishra

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