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धनबाद, जेएनएन। धनबाद कोयलांचल से देशभर में सिर्फ कोयले की आपूर्ति नहीं हो रही है। इसके साथ-साथ आग की भी आपूर्ति हो रही है। यह आग कभी भी और कहीं भी शोला बन भड़क सकती है। ऐसा हुआ तो जानमाल की काफी हानि होगी।

धनबाद कोयलांचल में सौ वर्ष से ज्यादा समय से कोयला खदानों में आग धधक रही है। इस भूमिगत आग पर काबू पाने के लिए बड़ी संख्या में आउटसोर्सिग कंपनियों को लगाया गया है। ये कंपनियां आग को बुझाने के लिए कोयले की कटाई कर रही है। इस दौरान कोयले के साथ-साथ आग भी निकाली जाती है। कई बार आग मिश्रित कोयले को रेल सेल के दौरान वैगन में लोड कर दिया जा रहा है। लोडिंग जेसीबी और अन्य भारी मशीनों से होता है जिससे पता नहीं चलता कि कोयले में आग है। लोडिंग के बाद परिवहन के दौरान यह आग शोला बन भड़क जाता है।

गोलकडीह साइडिंग में हुआ खुलासा: कोल साइ¨डग से जलता हुआ कोयला स्टील व पावर प्लांटों को भेजा जा रहा है। इसका खुलासा शुक्रवार को तब हुआ जब बीसीसीएल की गोलकडीह नौ नंबर रेलवे साइ¨डग से कोयला लदे एक रैक को मिजिया पावर प्लांट भेजा जाना था। वैगन में लदी कोयले में आग भड़क गई। वह धधक-धधक कर जलने लगा। इसे सुरक्षा के दृष्टिकोण से पाथरडीह बाजार रेलवे स्टेशन के दो नंबर डिपार्चर लाइन में खड़ा किया गया। रेल जीएम धनबाद की सूचना पर अग्नि शमन सेवा विभाग झरिया के कर्मी दमकल वाहन के साथ मोहन बाजार के पाथरडीह बाजार रेलवे स्टेशन पहुंचे। आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। वैगन के कोयले में भड़की आग से रेलवे व बीसीसीएल अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

पहले आग को किया गया नजरअंदाज: पूर्व मध्य रेल धनबाद डिवीजन अंतर्गत पाथरडीह यार्ड से 59 वैगन का एक रैक बीसीसीएल के गोलकडीह नौ नंबर साइ¨डग में गुरुवार की सुबह गया था। यहां ओपेन कास्ट से निकले गर्म कोयले को वैगन में लोड कर दिया गया। इसके बाद वैगनों में लदे कोयले से धुआं उठने लगा। इसकी शिकायत गार्ड एसपी ¨सह ने बीसीसीएल व रेल अधिकारियों से की। परंतु आग पर काबू की कोई पहल नही कर नजरअंदाज कर दिया गया। गुरुवार को साइ¨डग से मिजिया पावर प्लांट जाने को रैक पाथरडीह पहुंचा। पाथरडीह में कांटा करने के दौरान धुंआ निकल ही रह था। चार डिब्बों से उठ रहे धुंआ के कारण रैक को पाथरडीह मार्श¨लग यार्ड में खड़ा कर दिया गया। शुक्रवार को रैक के तीन डिब्बों से उठ रहा धुंआ बंद हो गया। परंतु चौथा डिब्बा का धुंआ बढ़ गया। इस कारण उसे अलग कर 58 वैगनों को मिजिया के लिए रवाना कर दिया गया।

Posted By: Jagran

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