धनबाद, जेएनएन। कॉमर्शियल माइनिंग के विरोध में मान्यता प्राप्त केंद्रीय मजदूर संगठनों के आह्वान पर कोल इंडिया में आयोजित तीन दिनी हड़ताल का शनिवार को अंतिम दिन है। तीसरे दिन भी कोयला उद्योग प्रभावित है। धनबाद में कोल इंडिया की अनुषंगी इकाई बीसीसीएल की परियोजनाओं में कोयले का उत्पादन आम दिनों की अपेक्षा बहुत कम हुआ है। रेल साइडिंगों में मालगाड़ी खड़ी हैं लेकिन कोयले का लोडिंग नहीं हो रहा है। तीन दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन शुक्रवार को भी काफी असर दिखा। बीसीसीएल में उत्पादन और डिस्पैच लगभग 70 फीसद तक कम रहा। एमसीएल, डब्ल्यूसीएल और एनसीएल में भी व्यापक असर पड़ा। हालांकि ईसीएल में आंशिक असर रहा।

बीसीसीएल में पहले दिन की तरह ही कर्मियों की उपस्थिति कम रही। शुक्रवार को पहले शिफ्ट में 26,550 में महज 8223 कर्मियों ने हाजरी बनाई। द्वितीय पाली में 6214 में 1373 कर्मियों ने हाजिरी बनाई। प्रबंधन के अनुसार, कोयला उत्पादन 7020 टन, डिस्पैच 7700 टन और ओबी 60007 टन किया गया। विभागीय स्तर पर उपस्थिति 27 फीसद रही।

इन एरिया में दिखा असर

चांच विक्टोरिया एरिया 12 दहीबाड़ी, गोविंदपुर, विश्वकर्मा प्रोजेक्ट, घनुडीह, लोदना, मुराईडीह, सिजुआ, भौंरा, सुदामडीह, कुसुंडा, जयरामपुर, बांसजोड़ा, तेतुलमारी, ईसीएल की मुगमा एरिया की ईस्ट कुमारधुबी, सेंट्रल पुल साइडिंग।

विभागीय स्तर पर कर्मियों की उपस्थिति कम है। हड़ताल से किसी को लाभ नहीं होने वाला। उत्पादन घटा है, लेकिन डिस्पैच बढ़ाने पर जोर है। कर्मियों से अपील है कि शनिवार से काम पर लौट आएं।

- पीएम प्रसाद, सीएमडी, बीसीसीएल

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस