संस, मुगमा : निरसा थाना क्षेत्र के गोपीनाथपुर गांव स्थित अन्नपूर्णा कोक फ्यूलस में बुधवार सुबह एसओजी की टीम ने छापेमारी की। लगभग 40 टन स्टीम व 20 टन पोड़ा कोयला सहित 10 स्कूटर, एक साइकिल, पांच पंप सेट, वजन मशीन, टोकरी सहित अन्य सामग्री बरामद की। जब्त सामग्री को निरसा पुलिस व कोयले को ईसीएल मुगमा सीआइएसएफ को सिपुर्द कर दिया। मामले में निरसा थाना में अशोक दास, उज्ज्वल दास व शिबू साव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

जानकारी के मुताबिक, छापेमारी टीम को सूचना मिली कि एसीएफ भट्ठा में काफी मात्रा में स्कूटर व साइकिल के माध्यम से ईसीएल मुगमा क्षेत्र की कापासारा आउटसोर्सिग के अवैध उत्खनन स्थल से कोयला लाकर क्षेत्र के भट्ठे में खपाया जा रहा है। जिसके बाद उसे पोड़ा कोयला बनाकर बेचा जा रहा है। मिली सूचना के आधार पर टीम ने छापामारी की गई। जब एसओजी की टीम छापामारी करने भट्ठा पहुंची। उस दौरान भट्ठा में स्कूटर से कोयला गिराया जा रहा था। टीम के सदस्य भट्ठा का चारदिवारी फांदकर घुसे। टीम के पहुंचते ही भट्ठा पर अफरातफरी मच गई। हालांकि सारे लोग फरार होने में कामयाब रहे। कापासारा से आता है यहां कोयला

जानकारी के मुताबिक, कापासारा आउटसोर्सिग से रोजाना सैकड़ों स्कूटर व साइकिल के माध्यम से कोयला चोरी कर आस पास के भट्ठों में पहुंचाया जाता है। खुदिया नदी के जंगलों में दर्जनों कोयला कारोबारियों द्वारा पुन: अवैध मुहाना बना कर अवैध उत्खनन कर कोयले को आसपास के भट्ठों में धड़ल्ले से खपाया जा रहा है। इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस प्रशासन व सीआइएसएफ को है। कोयला ढोनेवाले ने बताया कि कोयला ले जाने के एवज में सीआइएसएफ को बंधी बंधाई रकम दी जाती है। लोगों ने इसकी सूचना एसओजी टीम को दी गई। ----------

दो भट्ठा मालिकों की आपसी रंजिश के कारण हुई छापेमारी

कोयला कारोबारियों व भट्ठा में कोयला देने वाले लोगों का कहना है कि इस क्षेत्र में चार भट्ठा संचालित है। पूर्व में दो भट्ठों में कोयला खपाया जा रहा था। लेकिन तीसरा भट्ठे में कोयला गिरने के कारण अन्य तीन भट्ठों को कोयला मिलना बंद हो गया। जिसके कारण ही यह छापामारी हुई। उक्त भट्ठा मालिक साव नामक व्यक्ति है। मालिक पर वाम दल नेता का आशीर्वाद प्राप्त है।

Posted By: Jagran