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जेबीसीसीआई 12 गठन पर गतिरोध समाप्त, कोल इंडिया मंत्रालय को भेजेगा प्रस्ताव

Published: Thu, 03 Sep 2026 08:43 PM (IST)

कोल इंडिया प्रबंधन ने 12वीं संयुक्त द्विपक्षीय समिति (जेबीसीसीआई-12) के गठन के लिए कोयला मंत्रालय को प्रस्ताव भेजने का आश्वासन दिया है।

कोल इंंडिया लिमिटेड। (प्रतीकात्मक फोटो)

कोल इंंडिया लिमिटेड। (प्रतीकात्मक फोटो)

जागरण संवाददाता, धनबाद। कोल इंडिया लिमिटेड में 12वीं संयुक्त द्विपक्षीय समिति (जेबीसीसीआई-12) के गठन को लेकर लंबे समय से जारी गतिरोध अब समाप्त होता दिखाई दे रहा है। गुरुवार को हुई कोल इंडिया की शीर्षस्थ संयुक्त सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक कोलकाता मुख्यालय में प्रबंधन ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि जेबीसीसीआई-12 के गठन की अनुमति के लिए कोयला मंत्रालय को पत्र भेजा जाएगा।

बैठक की अध्यक्षता कोल इंडिया चेयरमैन बी साइराम ने की। एक जुलाई 2026 से कोयला श्रमिकों को वेतन बढ़ोतरी दय है। करीब 2 लाख 10 हजार श्रमिकों को इसका लाभ मिलना है। बैठक में यह संकेत दिया गया कि अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में बोनस को लेकर बैठक बुलाई जाएगी। इसको लेकर यूनियन के साथ बैठक की तिथि तय किया जाएगा।

प्रबंधन के इस आश्वासन के बाद ट्रेड यूनियनों ने 12 सितंबर को रांची में प्रस्तावित संयुक्त सम्मेलन को फिलहाल स्थगित कर दिया है। जेबीसीसीआई-12 के गठन में लगातार हो रही देरी को लेकर यूनियनें लंबे समय से प्रबंधन पर दबाव बना रही थीं।

बैठक में जेबीसीसीआई-12 के गठन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। प्रबंधन की ओर से कोयला मंत्रालय को पत्र भेजने का आश्वासन मिलने के बाद यूनियनों ने अपने आंदोलनात्मक कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित करने का निर्णय लिया।

अब जेबीसीसीआई-12 के गठन की प्रक्रिया में अगला महत्वपूर्ण कदम कोल इंडिया की ओर से कोयला मंत्रालय को पत्र भेजना होगा। मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद ही समिति के गठन की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

जेबीसीसीआई में इंटक को शामिल करने की मांग

बैठक में अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक), हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (सीटू) के प्रतिनिधियों ने जेबीसीसीआई और श्रम संहिता से जुड़ी प्रक्रिया में इंडियन नेशनल ट्रेड यूनियन कांग्रेस (इंटक) को भी शामिल करने का मुद्दा उठाया।

बैठक में कोल इंडिया प्रबंधन की ओर से अध्यक्ष बी. साईराम, मानव संसाधन निदेशक का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे मुकेश चौधरी तथा व्यवसाय विकास निदेशक शामिल हुए।

ट्रेड यूनियनों की ओर से भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के के. लक्ष्मा रेड्डी, हिंद मजदूर सभा के हरभजन सिंह सिद्धू, एटक के रामेंद्र कुमार और सीटू के डीडी रामानंदन ने बैठक में भाग लिया।

इंटक को बैठक से बाहर रखना उचित नहीं

यूनियन नेताओं का कहना था कि इंटक को इस प्रक्रिया से अलग रखना उचित नहीं होगा। इस पर कोल इंडिया प्रबंधन ने कहा कि इंटक से संबंधित न्यायालयीन मामलों की जांच की जाएगी। न्यायालय में लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

संयुक्त सलाहकार समिति की बैठक में औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के प्रावधानों और कोल इंडिया में इसके संभावित क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों ने श्रम संहिता के विभिन्न प्रावधानों तथा श्रमिकों और औद्योगिक संबंधों पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं और पक्ष प्रबंधन के समक्ष रखे।

जेबीसीसीआई-12 के गठन के बाद श्रमिकों से जुड़े वेतन, सेवा शर्तों, औद्योगिक संबंधों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर इसी द्विपक्षीय मंच के माध्यम से चर्चा होने की उम्मीद है।

12 सितंबर का रांची सम्मेलन स्थगित

जेबीसीसीआई-12 के गठन में हो रही देरी के विरोध में ट्रेड यूनियनों ने 12 सितंबर को रांची में संयुक्त सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया था। इस सम्मेलन के जरिए प्रबंधन पर दबाव बढ़ाने की तैयारी थी।