बिजली घरों के लिए पर्याप्त कोयला, कोल इंडिया के पास 70 मिलियन टन स्टॉक; BCCL रोज भेज रहा 22 रैक
Coal India के तकनीकी निदेशक अच्युत घटक ने बताया कि कंपनी के पास 70 मिलियन टन कोयले का स्टॉक है, जिससे बिजली संयंत्रों को आपूर्ति में कोई कमी नहीं आएगी।

थर्मल पावर प्लांट। (प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
कोल इंडिया के पास 70 मिलियन टन कोयला स्टॉक उपलब्ध।
बिजली संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति में कमी नहीं होगी।
बीसीसीएल के उत्पादन-डिस्पैच की लगातार समीक्षा और निगरानी।
जागरण संवाददाता, धनबाद। कोल इंडिया में करीब 70 मिलियन टन कोयले का स्टाक उपलब्ध है। पावर प्लांटों को कोयले की कमी नहीं होने दी जाएगी। कोयला उत्पादन और डिस्पैच में गति बनाए रखने के लिए कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों में टीमवर्क के साथ लगातार काम किया जा रहा है। यह जानकारी कोल इंडिया के तकनीकी निदेशक अच्युत घटक ने बुधवार को कोयला भवन में दैनिक जागरण से बातचीत में दी।
अच्युत घटक ने कहा कि उत्पादन और डिस्पैच की स्थिति की हर स्तर पर लगातार समीक्षा की जा रही है। मानसून अब समाप्त होने की ओर है और इसका असर कोयला उत्पादन व डिस्पैच की गति पर भी दिख रहा है। दोनों में तेजी आई है।
उत्पादन से लेकर डिस्पैच तक की गतिविधियों की हर दिन और हर शिफ्ट में मॉनिटरिंग की जा रही है, ताकि कहीं कोई व्यवधान नहीं आए। विभागीय संसाधनों के साथ-साथ आउटसोर्सिंग के उपयोग की भी नियमित समीक्षा की जा रही है। उपलब्ध संसाधनों का बेहतर समायोजन कर उत्पादन और डिस्पैच बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
बीसीसीएल के उत्पादन, डिस्पैच और कार्ययोजना की समीक्षा
इससे पहले तकनीकी निदेशक ने बीसीसीएल के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने कंपनी की विभिन्न गतिविधियों, उत्पादन-डिस्पैच की स्थिति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली।
अधिकारियों ने उन्हें वर्तमान गतिविधियों और कार्यप्रगति से अवगत कराया। बैठक में उत्पादन, डिस्पैच, विभागीय कार्यों और आउटसोर्सिंग के बेहतर उपयोग को लेकर भी चर्चा हुई।
अच्युत घटक ने कहा कि बीसीसीएल काफी मजबूती के साथ उभर रही है और एक मजबूत कंपनी है। खासकर कोकिंग कोल उत्पादन के क्षेत्र में बीसीसीएल की टीम लगातार बेहतर काम कर रही है। उन्होंने बीसीसीएल सीएमडी के साथ भी बैठक कर कंपनी के प्रदर्शन की समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि उत्पादन और डिस्पैच से जुड़े कार्यों की सभी स्तरों पर निगरानी की जा रही है। हर शिफ्ट में समीक्षा के साथ कमियों को तत्काल दूर करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि कंपनी के प्रदर्शन में और सुधार हो सके।
इस दौरान बीसीसीएल की तकनीकी निदेशक राजीव कुमार सिन्हा, कोल इंडिया के कार्यकारी निदेशक आनंद कुमार भी मौजूद थे। अधिकारियों के साथ चर्चा में उत्पादन, डिस्पैच और आगामी अवधि की कार्ययोजना को लेकर भी जानकारी ली गई।
हर दिन 22 रैक कोयले की सप्लाई
बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने कहा कि मानसून के बाद कोयला उत्पादन व डिस्पैच में गति पकड़ रही है। जिसका परिणाम यह है कि 22 रैक तक कोयला डिस्पैच किया जा रहा है। साथ ही सितंबर में कोयला उत्पादन व डिस्पैच में कंपनी का परिणाम काफी बेहतर रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि हर स्तर पर निगरानी रखी जा रहा है। जो एरिया लक्ष्य से पीछे है या वहां काम करने में परेशानी हो रही है, वहां तुरंत मामले को हल किया जा रहा है।
अग्रवाल ने कहा कि विभागीय स्तर पर भी काम की गति को बढ़ाने की जरूरत है। सभी का सहयोग से लक्ष्य को प्राप्त करना है। सुरक्षा को लेकर भी संबंधित अधिकारियों को दिशा निर्देश दिया गया है।
