जागरण संवाददाता, धनबाद : बांपी चक्रवर्ती के युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष बनते ही भाजपा की अंदरूनी कलह सतह पर आ गई है। अभी तक तो कार्यकर्ता बांपी का ही विरोध कर रहे थे वे अब खुल कर ग्रामीण जिला अध्यक्ष के खिलाफ बगावत पर भी उतर आए हैं। इसे लेकर रविवार को कार्यकर्ताओं ने बैठक भी की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि बंगाल के मीरजाफर कहे जा रहे मुकुल राय की तरह ज्ञान रंजन सिन्हा भी पार्टी को तोड़ रहे हैं और कमजोर कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि पार्टी आने वाले चुनाव तक पूरी तरह कमजोर हो जाए। संगठन के जो प्रतिबद्ध कार्यकर्ता हैं वे दुखी होकर घर बैठ जाएं। इसी साजिश के तहत वे ऐसे लोगों को पार्टी के प्रमुख पदों पर बैठा रहे हैं जिनका कभी से कोई नाता भाजपा से नहीं रहा है। ऐसे लोग जो कभी पार्टी के किसी पद पर नहीं रहे, जिनता रीति-नीति से को वास्ता नहीं, जिनका भाजपा के सिद्धांतों से, कार्यकर्ताओं से कोई भावनात्मक जुड़ाव नहीं, ऐसे लोगों को नेतृत्व थमाई जा रही है। बमबम साव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्यकर्ताओं ने कहा कि सिन्हा स्वयं पैराशूट अध्यक्ष हैं। उनका भाजपा से कोई लगाव नहीं है न ही वे पार्टी के सिद्धांतों को जानते ही हैं। यही वजह है कि उन्होंने सांसद पीएन सिंह, विधायक इंद्रजीत महतो, वरिष्ठ नेता गणेश मिश्रा, पूर्व सांसद रवींद्र पांडेय तक की राय नहीं मानी व अपने मन से रेवड़ी की तरह पद बांट रहे हैं। ऐसा नहीं चलने दिया जाएगा। कार्यकर्ता उनकी साजिश को समझ चुके हैं और चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को प्रतिबद्ध हैं। बैठक में ओमप्रकाश बजाज, दिनेश मंडल, विजय मंडल, हरिशंकर साव, सूरज सोनी, रोहित महतो, मधुरेंद्र गोस्वामी, मंटू महतो आदि मौजूद थे।

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