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धनबाद के कोयला चोरों और माफिया पर CISF का शिकंजा, अब पुलिस की तरह दर्ज करेगी FIR

Published: Wed, 15 Jul 2026 04:47 PM (IST)

CISF ने बीसीसीएल क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन और परिवहन पर नकेल कसने के लिए अभियान तेज कर दिया है। ...और पढ़ें

CISF BCCL के डीआइजी राजीव मिश्र।

CISF BCCL के डीआइजी राजीव मिश्र।

HighLights

  1. सीआईएसएफ ने अवैध कोयला खनन और परिवहन पर अभियान तेज किया।

  2. एमएमडीआर एक्ट के तहत अब आपराधिक मामले दर्ज होंगे, जांच भी होगी।

  3. सीआईएसएफ ने न्यायालय से अनुसंधान अधिकार प्रदान करने का अनुरोध किया।

आशीष अंबष्ठ, धनबाद। बीसीसीएल क्षेत्रों में अवैध कोयला खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) ने अभियान तेज कर दिया है। एमएमडीआर एक्ट के तहत अब केवल कोयला और वाहनों की जब्ती तक कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अवैध धंधे में शामिल लोगों के खिलाफ सीधे आपराधिक मामला दर्ज कर पूरे नेटवर्क की जांच करने की दिशा में भी पहल की जा रही है।

सीआइएसएफ ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि एफआइआर दर्ज करने के साथ अनुसंधान (जांच) का अधिकार भी प्रदान किया जाए, ताकि अवैध खनन और परिवहन से जुड़े पूरे गिरोह तक पहुंचकर प्रभावी कार्रवाई की जा सके। बीसीसीएल में अब सीआइएसएफ पूरी बल क्षमता (फुल स्ट्रेंथ) के साथ अभियान चला रही है। लगातार सफलता मिल रही है। इन्हीं मुद्दों पर डीआइजी राजीव मिश्रा से दैनिक जागरण ने विशेष बातचीत की।

प्रश्न : बीसीसीएल क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और परिवहन को लेकर सीआइएसएफ की क्या रणनीति है?

उत्तर : हमारी रणनीति पहले से अधिक सख्त और परिणामोन्मुख है। एमएमडीआर एक्ट के तहत अवैध खनन और कोयले के अवैध परिवहन में शामिल लोगों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अब हमारा प्रयास केवल जब्ती तक सीमित नहीं रहेगा। बीसीसीएल में सीआइएसएफ अब पूरी क्षमता के साथ काम कर रही है और हाल के दिनों में कई सफल कार्रवाई करते हुए वाहनों और अवैध कोयले की जब्ती की गई है।

प्रश्न : आपने कोर्ट से क्या मांग की है, इससे जांच में किस तरह मदद मिलेगी?

उत्तर : हमने न्यायालय से अनुरोध किया है कि एमएमडीआर एक्ट के तहत एफआइआर दर्ज करने के बाद अनुसंधान करने का अधिकार भी सीआइएसएफ को प्रदान किया जाए। अभी तक कार्रवाई मुख्य रूप से प्राथमिकी दर्ज करने और जब्ती तक सीमित रहती है। जांच का अधिकार मिलने पर अवैध कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क, इसके संचालकों और सहयोगियों तक पहुंचना आसान होगा। इससे दोषियों के खिलाफ मजबूत कानूनी कार्रवाई संभव होगी। इस तरह अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

प्रश्न : विभाग के अंदर क्या अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई है?

उत्तर : बिल्कुल। अनुशासन के मामले में किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। हाल ही में एक असिस्टेंट कमांडेंट रैंक के अधिकारी पर कार्रवाई करते हुए उन्हें डिमोट कर इंस्पेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा कई अन्य अधिकारियों के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभागीय जांच जारी है।

प्रश्न : भविष्य की की योजना क्या है?

उत्तर : अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ हमारी जीरो टालरेंस नीति है। सीआइएसएफ की टीमें लगातार पेट्रोलिंग, चेकिंग और छापेमारी कर रही हैं। एमएमडीआर एक्ट का सख्ती से पालन कराया जाएगा ताकि सरकारी राजस्व की सुरक्षा हो और अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। हमारा लक्ष्य केवल सुरक्षा प्रदान करना नहीं, बल्कि राष्ट्र की संपदा की रक्षा करना भी है। सभी कार्रवाई भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। अब फोर्स की कोई कमी नहीं है। पूरी क्षमता के साथ अवैध खनन एवं परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

अभियान के प्रमुख आंकड़े

डीआइजी राजीव मिश्रा की मानें तो अब तक एमएमडीआर एक्ट के तहत छह मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें छह नामजद आरोपित शामिल हैं। अभियान के दौरान 970 टन अवैध कोयला जब्त किया गया है। 18 वाहनों को भी जब्त किया गया है। इसके अलावा 24 अवैध खनन स्थलों की पहचान की गई है। इनमें 19 की पूरी तरह भराई (बैकफिलिंग) की जाएगी ताकि दोबारा अवैध खनन न हो सके। जांच अभियान के दौरान कोयला लदे 115 वाहनों की जांच भी की गई है।