बाघमारा, जेएनएन। भारत सरकार के राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने धनबाद के उपायुक्त अमित कुमार को नोटिस भेजा है। बाघमारा प्रखंड के भीमकाली पंचायत में पोषाहार में गोलमाल के मसले पर कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने यह कार्रवाई की है। आयोग के चेतावनी दी है कि एक सप्ताह के भीतर इस मसले पर हुई कार्रवाई से अवगत नहीं कराया गया तो सीपीसीआर अधिनियम 2005 की धारा 14 के तहत उपायुक्त के खिलाफ सम्मन निर्गत किया जाएगा।

बताते चलेें कि यह मामला जून 2019 का है। बाघमारा के भीमकाली पंचायत के बड़ा पांडेयडीह हीरक रोड के पास पोषाहार के दर्जनों खाली पैकेट खटाल के पास फेंके मिले थे। इतने अधिक पैकेट मिलने पर लोगों को शक हुआ कि आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषाहार नहीं भेजा गया बल्कि मवेशी को खिलाने के लिए खटाल संचालकों को बेच कर गोलमाल किया गया है। इसके बाद सामाजिक संस्था जनसभा के जिला प्रतिनिधि महेश कुमार ने इसकी शिकायत कई स्तर पर की। बाल अधिकार संरक्षण आयोग में भी यह मामला गया। आयोग ने तुरंत इस पर संज्ञान लिया। उपायुक्त से लगातार पत्राचार किया गया। आयोग जानना चाहता था कि बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए सरकार द्वारा भेजे गए पोषाहार के इतने पैकेट खटाल के पास कैसे पाए गए।

उपायुक्त से पूरे मामले की रपट तलब की गई। आयोग को जवाब नहीं भेजा गया। बाल अधिकार संरक्षण आयोग के वरिष्ठ परामर्शदाता रमण कुमार गौड़ ने डीसी को भेजी गई कारण बताओ नोटिस में लिखा है कि जून से यह मसला उपायुक्त कार्यालय में लंबित रहने को आयोग निष्क्रियता मानता है। जुलाई और अगस्त में भी पत्राचार किया गया था। 

Posted By: Mritunjay

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