जागरण संवाददाता, दुमका। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को दुमका के पुलिस लाइन मैदान में राज्य की महत्वाकांक्षी सोना-सोबरन धोती, साड़ी, लूंगी योजना की शुरुआत करते हुए कहा कि इस योजना के तहत राज्य के 58 लाख लाल और पीला कार्डधारी लाभुक आच्छादित होंगे। इस योजना पर राज्य सरकार 500 करोड़ रुपये खर्च करेगी। कहा कि अब राज्य की गरीब जनता को सस्ते दर पर खाद्यान्न के साथ तन ढ़कने के लिए वस्त्र भी मिलेगी। मात्र 10 रुपये साल भर में दो बार धोती, साड़ी या लूंगी पीडीसी के दुकान माध्यम वितरित किया जाएगा। कहा कि दुमका जिले में दो लाख से अधिक लाभुक इस योजना से आच्छादित होंगे।

रघुवर सरकार में बंद हो गई थी योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में पहली बार सोना-सोबरन धोती-साड़ी योजना की शुरुआत वर्ष 2014 में उनके द्वारा किया गया था लेकिन रघुवर सरकार गरीबों की इस योजना को बंद कर दिया था। इस मौके पर उन्होंने दो अरब 68 करोड़ 90 लाख 24 हजार रुपये की लागत से बनने वाली 126 योजनाओं का शिलान्यास और 37 करोड़ 92 लाख 39 हजार रुपये की लागत से बनकर तैयार 18 योजनाओं का उद्घाटन करते हुए कहा कि उन्हें राज्य की गरीब जनता की पीड़ा का आभास है इसलिए हमारी सरकार ऐसी तमाम योजनाओं को अनवरत धरातल पर उतार रही है जो गरीबों के हित में है।

उद्योग नीति में एससी-एसटी के लिए विशेष प्रावधान

सोरेन ने कहा कि राज्य में नई उद्योग नीति लाई गई है जिसके तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ी जाति को विशेष छूट का प्राविधान किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार लगातार बेहतर करने का प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में अब प्रत्येक जिले में अंग्रेजी माध्यम के माडल स्कूलों अगले वर्ष से शुरु किया जाएगा। स्कूली बच्चों के भोजन में अब तीन के बजाए छह अंडे दिए जाएंगे। सरकार की मंशा है कि गांव व किसानों को मजबूत किया जाए ताकि राज्य मजबूत हो। उन्होंने कहा कि दुमका के मसानजोर डैम के पानी अब मसलिया, नाला और कुंडहित के किसानों को भी सिंचाई सुविधा मुहैया कराने की योजना है। इसके लिए शीघ्र ही सरकार तैयार की योजना का शिलान्यास करेगी और दो साल में इस योजना को पूरा कर किसानों के खेत तक पानी पहुंचाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक षडयंत्र के तहत बेरोजगार व पढ़े-लिखे युवकों को नौकरी में आने से रोका जा रहा था लेकिन उनकी सरकार ने

कोरोना की संभावित तीसरी लहर से किया सावधान

विवादों से घिरे जेपीएससी के माध्यम से परीक्षा आयोजित कराकर यहां नौकरी का मार्ग प्रशस्त किया है। कहा कि सरकार नई नीतियां लाकर यहां के मूलवासी व स्थानीय लोगों को नौकरी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 का खतरा अभी बरकरार है। इसलिए सावधान व सजग रहने की जरूरत है। कहा कि राज्य सरकार ने कोविड-19 संक्रमण को बेहतर ढंग से निपटने में सफलता पाई है। इसे सफलता को आगे भी बरकरार रखने की जरूरत है। कहा कि इसी को ध्यान में रखते हुए कोविड संक्रमण की जांच के लिए आज दुमका में अत्याधुनिक कोवास मशीन का उद्घाटन किया जा गया है।

झारखंड की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं

इससे पूर्व सूबे के सार्वजनिक खाद्य आपूर्ति मंत्री रामेश्वर उरांव ने कहा कि राज्य की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। बावजूद हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार बेहतर करने का प्रयास कर रही है। केंद्र पर हमला करते हुए कहा कि जानबूझ कर राज्य का बकाया केंद्र सरकार भुगतान नहीं कर रही है। मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री व राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन, कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, विधायक प्रो.स्टीफन मरांडी, नलीन सोरेन, बसंत सोरेन, जिला परिषद अध्यक्ष जोयस बेसरा, आयुक्त चंद्रमोहन प्रसाद कश्यप, डीआइजी सुदर्शन प्रसाद मंडल, उपायुक्त रविशंकर शुक्ला समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

Edited By: Mritunjay